यमुनानगर के गांव गनौली में रविवार रात दो समुदायों के बीच झगड़ा हो गया। एक समुदाय के लोगों ने दलितों के घरों में घुसकर लाठियों व तेजधार हथियारों से हमला कर कर दिया। हमले में करीब छह लोग घायल हो गए।
घायलों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां से एक युवक को गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, आरोप है कि पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जब तक पुलिस आई तब तक हमलावर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस की कार्य प्रणाली से खफा दलित समाज के सैकड़ों लोगों ने परिवार समेत छछरौली-बिलासपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे तक मार्ग पर जाम लगा रहा। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डीएसपी बिलासपुर व तहसीलदार छछरौली ने पीड़ित पक्ष के लोगों को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। डीएसपी ने पीड़ित पक्ष की मांग पर मामले के जांच अधिकारी थाना छछरौली के एक एएसआई को सस्पेंड किया। जिस पर लोग शांत हुए। झगड़े में दूसरे समुदाय के कुछ लोगों को भी चोटें आई है।
डेढ़ माह पहले हुआ था झगड़ा
गांव गनौली में करीब डेढ़ माह पहले गांव केे दो समुदाय के लोगों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। उस समय दलित समाज के लोगों ने थाने में शिकायत दी थी। उसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया था। दलित समाज के लोग तो सारा दिन थाने में बैठे रहे, लेकिन दूसरा पक्ष नहीं आया। बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष ने यह कह कर टाल दिया कि उनके घर पर शादी है वे उसके बाद ही आ पाएंगे।
घरों में घुस कर किया हमला
पीड़ित कुलदीप ने बताया कि चार दिन पहले भी दूसरे समुदाय के इन लोगों ने उनके साथ झगड़ा किया था। उसकी भी शिकायत थाना छछरौली में दी गई थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद दूसरे समुदाय के करीब दो दर्जन युवकों ने रविवार रात दलित बस्ती में घुस कर तलवार व अन्य तेजधार हथियारों से कुलदीप व उसके परिवार पर हमला कर दिया। जिसमें कुलदीप, रिंकू, गुलशन, गुरमेज, काला, मोहित, प्यारी, जसवंती समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। इनमें से रिंकू को तलवार लगने से काफी चोटें आई। उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है।
लाठियां लेकर सड़क पर उतरे लोग
लोगों ने बताया कि हमले की सूचना छछरौली पुलिस को तुरंत दे दी गई थी, लेकिन देर रात तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। लोगों का कहना है कि जब पुलिस मौके पर आई तब आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। जिस पर दलित समाज के लोग भड़क गए और वे लाठियां व डंडे लेकर सड़क पर उतर आए और पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारे बाजी कर रोष प्रकट किया। लोगों ने सड़क के बीच बैठकर छछरौली-बिलासपुर मार्ग पर जाम लगा दिया।
एएसआई के सस्पेंड होने पर माने लोग
जाम लगा रहे लोगों ने थाना छछरौली के एक एएसआई पर कार्रवाई में ढील बरतने का आरोप लगाया। जाम के दौरान लोगों पर उक्त एएसआई के खिलाफ काफी रोष देखने को मिला। लोगों ने इस कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सस्पेंड करने की मांग की। जिस पर डीएसपी ने पीड़ित पक्ष की मांग पर एएसआई को सस्पेंड कर दिया। उसके बाद पीड़ित पक्ष ने डीएसपी से तुरंत हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की। डीएसपी ने तीन दिन के अंदर-अंदर हमलावरों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
चार हमलावर काबू : डीएसपी
गांव गनौली में कुछ दिन पहले दो पक्षों में किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गई थी। जिसकी शिकायत एक पक्ष ने थाना छछरौली में दी थी। उस पर कई दिनों तक कार्रवाई न होना व दोबारा पीड़ित पक्ष के साथ झगड़ा होना व दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा रविवार रात दलित समाज के लोगों पर हमला कर घायल करने के मामले में एएसआई को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं हमलावरों में से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी लोगों को भी जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा।
सुभाषचंद, डीएसपी, बिलासपुर