कलेसर नेशनल पार्क जंगल में पीने के पानी के अभाव में जानवर सड़क पर आकर अपनी जान गंवा रहे हैं और विभाग अपनी आंखें बंद करके बैठा हुआ है। जंगल में वन्य प्राणी विभाग द्वारा बनाए गए गजलर और टैंक खाली पड़े हैं जबकि गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है और वन्य प्राणी विभाग ने इस और कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई है। बीते दिन एक चीतल सड़क पार करते समय हादसे का शिकार हो गई और अपनी जान से हाथ धो बैठी। हादसे का शिकार हुई चीतल को देखने रुके राहगीरों का कहना है कि जंगल में जंगली जानवरों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी ना होने के कारण जंगली जीव जंतु सड़क पार मैदानी इलाकों में आते हैं और वाहनों की चपेट में आने से हादसे का शिकार हो जाते हैं। मरे हुए चीतल की खबर विभाग को पता ही नहीं और ना ही विभाग को उसका शव बरामद हुआ जबकि राहगीरों ने मरे हुए चीतल को पानी पिलाकर होश में लाने का प्रयास भी किया।
वन्य प्राणी विभाग द्वारा जंगली जानवरों के लिए बनाए गए टैंक और गजलर पानी के अभाव में सूखे पड़े हैं। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वन्य प्राणी विभाग वन्य जीव जंतुओं की सुरक्षा के प्रति कितने सजग हैं।
विभाग के कर्मचारी सुलतान सिंह का कहना है कि हादसे का शिकार हुई चीतल को देखने वे मौके पर गए थे लेकिन वहां पर हमें कुछ भी नहीं मिला। जल्द ही गजलर व टैंक में पानी भरवा दिया जाएगा।