फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘मुझे पता है थानों में रिपोर्ट कैसे बनती है’

Fri, 14 Oct 2016 11:58 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
विज्ञापन
h - फोटो : h
विज्ञापन
लघु सचिवालय में शुक्रवार को 34 दिन बाद जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने तल्ख तेवर दिखाते हुए अलग-अलग मामलों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर केस दर्ज करने के आदेश दिए। 2015 के मामले में पुलिस की लापरवाही पर विज ने कहा उन्हें पता थानों में कैसे रिपोर्ट दर्ज होती है। एक-एक साल तक शिकायतकर्ता चक्कर लगाते रहते हैं फिर भी न्याय नहीं मिलता। बैठक में कुल 16 परिवाद रखे गए। इनमें से नौ परिवादों को मौके पर फाइल कर दिया गया, बाकी परिवाद 11 नवंबर को होने वाली बैठक तक लंबित रखा है।
विज्ञापन

बैठक में शंकर नगर निवासी राजीव कुमार, जगाधरी निवासी विकास कुमार, गांव तेलीपुरा निवासी रामदिया, सढौरा निवासी हाकम सिंह, बिलासपुर के राजबीर, जुब्बल निवासी रामकुमार, मंडेबर निवासी हरप्रीत सिंह, औरंगाबाद निवासी राजेंद्र कुमार ने अपने परिवार फाइल किए। वहीं बाकी मामलों को अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया गया। बैठक में सीपीएस श्याम सिंह राणा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, डीसी डा. एसएस फूलिया, एसपी मनीष चौधरी, एडीसी डा. शालीन, एसडीएम प्रेम चंद और नवीन आहूजा, नगराधीश भारत भूषण कौशिक, सचिव आरटीए देवेंद्र कौशिक, नगर निगम आयुक्त गिरीश अरोड़ा आदि मौजूद रहे।

मजदूरी मिलने में लगे दो साल
परिवाद नंबर तीन में तेलीपुरा निवासी रामदिया ने मनरेगा के तहत मजदूरी न मिलने की शिकायत की। शिकायतकर्ता ने बताया कि 2013 में मनरेगा के तहत काम किया था। आरटीआई में जवाब मांगने और शिकायत करने के बाद करीब दो साल बाद अब मजदूरी मिली है।
विज्ञापन


  शिकायतकर्ता ने बताया कि पूर्व सरपंच ने मनरेगा मजदूरी के दौरान अपने निजी कार्य भी करवाए। इसके तहत उसे मजदूरी मिलने में देरी लगी। मामला निपटने के बाद भी मंत्री विज ने कागजात की जांच की और तेलीपुरा के पूर्व सरपंच के खिलाफ 420 का केस दर्ज करने के आदेश दिए।

गलत तरीके से करवा दी रजिस्ट्री
परिवाद 12 में कस्बा बिलासपुर की हरिजन बस्ती निवासी राजबीर ने पूर्व सरपंच और नायब तहसीलदार पर आरोप लगाया कि दोनों ने कानून ताक पर रख गलत तरीके से हरिजन धर्मशाला की रजिस्ट्री की है। बिलासपुर की सरपंच ने कार्यकाल पूरा होने के बाद भी पद पर मिली मुहर का इस्तेमाल किया। बस्ती में हरिजन चौपाल की करीब एक कनाल जमीन थी, इस पर कुछ लोगों का कब्जा था। उन लोगों ने पूर्व सरपंच और नायब तहसीलदार से मिलीभगत कर उस जगह की रजिस्ट्री किसी व्यक्ति के नाम गलत तरीके से कर दी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बिलासपुर की पूर्व सरपंच मीना बिंद्रा और तत्कालीन नायब तहसीलदार बिलासपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने के आदेश दिए।

झूठे आरोप लगाने वाले पर होगा केस
परिवार नंबर 11 में भगवान वाल्मीकि मंदिर कमेटी जगाधरी के प्रधान महिंद्र गागट ने नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर पर नकली दस्तावेजों के सहारे घोटाला करने की शिकायत दी थी। पिछली मीटिंग में विज ने डीएसपी जगाधरी को जांच के आदेश दिए थे। डीएसपी ने रिपोर्ट में सेनेटरी इंस्पेक्टर के सभी दस्तावेज सही मिलने और प्रधान गागट के आरोप निराधार होने की बात कही। इस पर मंत्री विज ने शिकायतकर्ता पर केस दर्ज करने के आदेश दिए।
अवैध कॉलोनी में कैसे दिए लाइसेंस

एडवोकेट एसके गुप्ता ने शहर में तंग स्थानों और अवैध कॉलोनियों में पटाखे बेचने का लाइसेंस देने का आरोप लगाया। शिकायत में गुप्ता ने कहा कि चाइनीज पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद प्रशासन ने लाइसेंस जारी कर दिए हैं। इस पर मंत्री विज से कहा कि अवैध कॉलोनी में पटाखे कैसे बेचे जा सकते हैं। मामले में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

बैठक शुरू होने से पहले हंगामा
बैठक शुरू होने से पहले बरोली माजरा निवासी एक व्यक्ति ने सभागार में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने जब उसे बाहर निकालना चाहा तो उसने आत्महत्या की चेतावनी दी। काफी देर तक पुलिस और वरिष्ठ लोग उसे समझाने में लगे रहे। बैठक के बाद उसने खेल मंत्री को शिकायत दी। बता दें कि यह वही व्यक्ति था, जिसने वीरवार को परिवार समेत प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में आत्मदाह की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें