सरस्वती उद्गम स्थल आदिबद्री के समीप स्थित समाधि स्थल पर शनिवार देर रात आग लग गई। आग से महंत विनय स्वरूप महाराज की झोपड़ी, गाड़ी, बाइक, नगदी व अन्य समान जलकर राख हो गया। झोपड़ी में आग की लपटे देख महंत सहित तीन लोगों ने भाग कर जान बचाई। सूचना मिलते ही रणजीतपुर पुलिस चौकी प्रभारी जगबीर सिंह व एचसी भीम सिंह ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
महंत विनय स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया शनिवार की रात्रि वे हरिराम व श्यामलाल के साथ झोपड़ी में सोए हुए थे। रात्रि करीब दो बजे उन्होंने आग की तेज लपटे झोपड़ी से उठती दिखाई दी। झोपड़ी से निकलकर जैसे तैसे अपनी जान बचाई और आग को बूझाने का प्रयास किया। परंतु आग की लपटें इतनी तेज थी की देखते ही देखते झोपड़ी व उसमें रखा सारा सामान, कागजात, राशन, नगदी, मोबाइल, खाने पीने के अन्य सामान सहित सारा सामान जल कर राख हो गया। झोपड़ी के पास खड़ी रणजीतपुर से आदि बद्री तक श्रद्धालुओं को ले जाने वाली विंगरगाड़ी भी आग की चपेट में आ कर पूरी तरह से जल गई। गाड़ी के पास खड़ी बाइक भी बुरी तरह से जल गई।
आग लगाने में शरारती तत्व का हो सकता है हाथ
महंत ने बताया उन्होंने कुंए में लगी मोटर को चलाने का प्रयास किया पर उसने भी पानी नहीं उठाया और देखते ही देखते उनकी आंखों के सामने सब कुछ स्वाहा हो गया। उनका कहना है कि यह किसी शरारती तत्व का हाथ हो सकता है। महंत विनय स्वरूप ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
गहनता से चल रही जांच
रणजीतपुर चौकी प्रभारी जगबीर सिंह का कहना है आग लगने की सूचना पर वे मौके पर गए थे। आग लगने के कारणों का कुछ पता नहीं चल पाया है। मामले ही गहनता से जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी शरारती तत्व पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।