मंगलवार रात से बुधवार दिनभर रूक-रूककर हुई बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई। लोगों गर्मी के सितम से काफी राहत मिली। लेकिन बे-मौसमी बारिश किसानों के लिए आफत साबित हुई। बरसात के साथ चलीं तेज हवाओं से कई जगह गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। इससे सीधे-सीधे पैदावार पर असर पड़ना लाजमी है। जिलेभर में औसत 25 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसमें सबसे अधिक जगाधरी व बिलासपुर में हुई। फसली सीजन में बदले मौसम के मिजाज को देख किसान खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। चूंकि जिले में करीब हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल खड़ी हैं, जिसमें अधिकांश लगभग पककर तैयार है। मंडी में पहुंचने से पहले ही मंगलवार रात से शुरू हुई बे-मौसमी बारिश के साथ चलीं तेज हवाओं से कई जगह फसल पूरी तरह जमीन पर बिछ गई। बुधवार को दिनभर भी रूक-रूककर बारिश होती रही और साथ चलीं तेज हवाओं ने फसलों को नुकसान पहुंचाने का काम किया। बारिश से सिर्फ गेहूं ही नहीं बल्कि आम, लीची आलू सहित अन्य फसलें भी प्रभावित हुईं।
किसान जसपाल सिंह, इकबाल सिंह, राकेश कुमार, अवदेश राणा व अनिल शर्मा ने कहा गेंहू की पकी फसल को काटने का काम चल रहा है, बारिश के कारण कटाई का काम रूक गया। साथ चलीं तेज हवाओं से गेंहू की फसल जमीन पर बिछ गई, जिससे पैदावार प्रभावित होगी। इसके अलावा खेतों में टमाटर, भिंडी, घीया, खीरा, तरबूज व खरबूज आदि फसलें भी पककर तैयार हैं। बरसात के कारण इनको भी खासा नुकसान हो सकता है। बरसात जारी रही पककर तैयार व कटी हुई फसल को भी नुकसान पहुंचेगा और किसानों को आर्थिक संकट होगा।
दिनभर रूक-रूककर हुई बारिश, जगह-जगह बनी जलभराव की दिक्कत
मंगलवार रात के बाद बुधवार को भी ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे कई कॉलोनियों व मुख्य सड़कों पर जलभराव की दिक्कत बन गई। शहर के पॉश एरिया नेहरू पार्क, मेला सिंह चौक, इंडस्ट्रियल एरिया सहित कई जगह सड़कों के जलमग्र होने पर राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जगाधरी में दोपहर सवा एक बजे जोरदार बारिश हुई, जबकि रादौर, छछरौली व खिजराबाद क्षेत्र में मौसम साफ रहा। दोपहर के बाद भी देर शाम तक बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलीं।
32 तक लुढ़का अधिकतम पारा
मार्च के अंत तक गर्म हो चुके मौसम में अप्रैल की चिलचिलाती धूप चुभने लगी थी। लेकिन बारिश ने मौसम में एक बार फिर ठंडक घोल दी। इसके बाद बीते दिनों से बना अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से लुढ़क कर 32 पर पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे बीते सप्ताह भर से गर्मी का सितम झेल रहे लोगों ने काफी राहत महसूस की।