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प्रशासन भी अंजान नहीं खत्म हो चुकी है पुल की मियाद

Mon, 27 Mar 2017 11:18 PM IST
yamuna nagar beuro
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g - फोटो : yamuna nagar
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हमीदा हेड पर रादौर की ओर जाने वाली पश्चिमी यमुना नहर पर बना पुल कभी भी जमींदोज हो सकता है। पुल की मियाद पूरी हुए कई साल बीत चुके है। सिंचाई विभाग पुल की मरम्मत कराकर काम चला रहा है, लेकिन पुल से गुजरने वालों के लिए जानलेवा भी हो सकता है। भारी वाहन को गुजरने के लिए बेरिकेट व पिलर लगाए गए हैं। लेकिन वाहन चालकों ने इसे तोड़ डाला है। खस्ताहाल पुल से गुजर रहे भारी वाहन यहां आए दिन जाम का सबब भी बन रहे हैं। यह पुल जठलाना क्षेत्र को यमुनानगर से जोड़ता है। इसके अलावा करीब 35 गांवों के लोग भी यमुनानगर आने-जाने के लिए इस पुल का इस्तेमाल करते हैं।
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प्रतिदिन पुल से हजारों की संख्या में वाहन गुजर रहे हैं। दुपहिया व हल्के भारी वाहनों के अलावा पुल से गन्ने, प्लाई पत्ता व अनाज से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां गुजरती है। पुल की मियाद खत्म होने के कारण पुल से वाहनों का आवागमन खतरनाक हो सकता है। प्रशासन व संबंधित विभाग के अधिकारी भी अंजान नहीं है। इसके बावजूद पुल से गुजरने वाले वाहनों की अनदेखी की जा रही है। सिंचाई विभाग ने पुल से भारी वाहनों के आने-जाने पर रोक लगी होने का बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है। इन दिनों शुगर मिल में गन्ने की पिराई चालू होने के कारण पुल से प्रतिदिन गन्ने से लदी सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां गुजरती हैं। आए दिन पुल के आसपास गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां पलटती रहती है। इससे पुल पर घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। खस्ताहाल पुल पर लगने वाले जाम के दौरान यदि जर्जर पुल ढह जाए तो बड़ा हादसा होना तय है।

-आवर्धन नहर का नया पुल उद्घाटन से पहले ही टूट गया था
हमीदा हेड से आवर्धन नहर पर सिंचाई विभाग ने कुछ सालों पहले करोड़ों रुपये की लागत से पुल बनाया था। लेकिन यह पुल उद्घाटन होने से पहले ही धंस गया। नए पुल के धंसने से इसकी कई सालों तक जांच भी चलती रही। उधर, पुल से वाहनों के आवागमन के लिए पुराने पुल की मरम्मत करवा दी गई। आवर्धन नहर पर भी पुराने पुल से वाहन गुजर रहे हैं।
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पुल से गुजरना लोगों की मजबूरी
प्रदीप कुमार ने बताया उनकी भाभी जी नाहरपुर में कार्य करती है। जिन्हें काम पर वो रोज छोड़ने जाते है। कोई दिन सुबह का ऐसा होता होगा की उन्हें पुल पर इंतजार न करना पड़ता हो अक्सर सुबह यह ट्रालियों का जाम लगा रहा है। जिसकी वजह से उन्हें घर से जल्दी निकलना पड़ता है। बावजूद भी कई बार वो काम पर लेट हो जाती है। अगर इस रास्ते से न आकर दूसरे से आते है तो पांच किलोमीटर लंबा चक्कर लगता है और समय भी ज्यादा लगता है।

गांव पांजुपुर के विजय कुमार का कहना है उनके गांव से शहर आने का यही एक सबसे नजदीक का रास्ता है। अगर यहा बंद हो जाता है तो उन्हें अपने गांव में आने के लिए 10 किलो मीटर लंबा चक्कर काटकर आना पड़ेगा। इससे पैसे भी ज्यादा लगेंगे और टाईम भी खराब होगा। इस कारण लोग इसी पुल से गुजरते हैं।

प्रदीप सिंह रंधावा का कहना है प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है। रोज सैकड़ों की संख्या में वाहन यहां से निकलते हैं। पुल पर अक्सर जाम लगा रहता है। भारी वाहनों का निकलना मना है। इसके बावजूद पुल से भारी वाहन गुजरते हैं। उनको रोकने के लिये जो बेरिकेट लगाए गए थे, उन्हें वाहन चालकों ने तोड़ डाला।


नया पुल बनाने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसका बजट बनाकर विभाग को भेज दिया गया है। जल्द ही इसका टेंडर भी होने वाला है। उम्मीद है कि अगले महीने ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा।
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विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग ।
 
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