पर्यटन के लिहाज से यमुनानगर जिला देश के मानचित्र पर अहम स्थान हासिल करने वाला है। आदिबद्री क्षेत्र को अंतर राष्ट्रीय स्तर के पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्राचीन धार्मिक स्थलों की इस धरा पर प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्राजेक्ट शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। यदि इनमें कोई रोड़ा न अटका तो आने वाले सालों में यह जिले के लिए वरदान साबित होगा।
प्रदेश सरकार धार्मिक महत्व की सरस्वती नदी को धरा पर लाने की कवायद की जा रही है। यमुनानगर जिला प्रशासन द्वारा जिले में सरस्वती नदी की खुदाई के दौरान जमीन से जल निकलने के बाद विश्व भर का ध्यान इस ओर गया। इसके बाद केंद्र व प्रदेश सरकार ने सरस्वती से जुड़ी घोषणाओं की झड़ी लगा दी।
प्रदेश सरकार द्वारा सरस्वती नदी पुर्नउत्थान परियोजना के तहत सरस्वती हेरिटेज बोर्ड का गठन कर इस दिशा में कदम बढ़ाया गया है। पर्यटन के लिहाज से ये परियोजनाएं काफी अहम हैं। वहीं, पर्यटन, सांस्कृतिक एवं नागरिक विमानन केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा भी यहां आकर कई घोषणाएं कर चुके हैं।
यदि ये घोषणाएं सिरे चढ़ी तो हिमाचल प्रदेश से संपर्क पुख्ता होगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों के आने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक प्रगति होगी। सरस्वती का विकास होने से क्षेत्र में पर्यटन की अपूर्व संभावनाएं पैदा होगी।
केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा की गई घोषणाओं के अनुसार सोम नदी पर पुल व डैम बनेगा। बिलासपुर-आदिब्रदी मार्ग को 21 फुट चौड़ा किया जाएगा। साथ ही आदिबद्री क्षेत्र में सड़कों, हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा। इससे हिमाचल प्रदेश से मंत्रा देवी के मंदिर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। बिलासपुर-आदिब्रदी मार्ग के चौड़ा होने से पर्यटकों का सरस्वती उद्गम स्थल तक पहुंचना सुगम होगा।
लौहगढ़ किले के उत्थान से बढेगा पर्यटन
सिख साम्राज्य की पहली राजधानी लौहगढ़ यमुनानगर जिले से सटा हुआ है। प्रदेश सरकार द्वारा सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़े इस किले के पुर्नउद्धार का बीड़ा उठाया है। इस साल 3 जून को बिलासपुर के लौहगढ़ में शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300वें शहीदी वर्ष पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में पधारे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सिखों के इस महत्वपूर्ण स्थल के उत्थान के लिए कई घोषणाएं की। साथ ही बाबा बंदा सिंह बहादुर द्वारा बनाई गई सिख राज की पहली राजधानी लौहगढ़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही। प्रदेश सरकार द्वारा इन घोषणाओं पर काम शुरू भी कर दिया गया है। ऐसे में लौहगढ़ सिखों के लिए महत्वपूर्ण स्थान साबित होगा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
-लौहगढ़ के लिए की गई घोषणाएं-
-लौहगढ़ में खुलेगा बाबा बंदा बैरागी मार्शल आर्ट स्कूल
-बाबा बंदा सिंह बहादुर की याद में बनेगा प्रदेश का सबसे आकर्षक स्मारक
-हिमाचल सरकार के सहयोग से लौहगढ़ गुरुद्वारा से हिमाचल प्रदेश में स्थित लौहगढ़ तक किले की दीवार को नया रूप दिया जाएगा
-आदिबद्री व भगवानपुर को लौहगढ़ से जोडने के लिए होगा सड़क व पुल का निर्माण
-लौहगढ़ से लगती भगवानपुर पंचायत में एक करोड़ रुपये से विकास कार्य करवाए जाएंगे।
-लोहगढ़, आदिबद्री व हरिपुर के कुंडों में हिमाचल प्रदेश के सहयोग से बांध बनेंगे तथा क्षेत्र के नवदुर्गा शक्तिपीठ देवी मंदिर को विकसित किया जाएगा।
-सरस्वती नदी के उद्गम स्थल आदिबद्री को लौहगढ़ से जोड़ने के लिए तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी।
-भगवानपुर व लौहगढ़ को आपस में जोड़ने के लिए सोम नदी के ऊपर पुल व लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी।