मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा न मिलने पर तीन गांव के किसानों ने फिर एचएसआईआईडीसी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफरास्टक्चर डवेलपमेंट कॉरपोरेशन) कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना दिया। मांग पूरी न होने पर किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सरकार विरोधी नारेबाजी की। एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने किसानों का जल्द उचित मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उन्हें बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया गया तो वे यहां आकर कार्यालय को ताला लगा देंगे।
भारतीय किसान यूनियन के संयोजक बाबू राम गुंदियाना, प्रदेश सचिव हरपाल व जिला प्रधान संजू गुंदियाना के नेतृत्व में मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया के लिए जमीन देने वाले गांव गढ़ी बंजारा, उद्यमगढ़ व मानकपुर गांव के सैकड़ों किसान बुधवार को एकजुट हुए। सभी किसान मानकपुर स्थित एचएसआईआईडीसी कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। किसानों ने यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान जसपाल सिंह, रविंद्र सिंह, ओंकार सिंह, दविंद्र सिंह आदि ने बताया कि प्रदेश सरकार ने झज्जर के कसार गांव में इंडस्ट्रियल एस्टेट के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा दे दिया है, लेकिन उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिला है। झज्जर में किसानों की जमीन 2014 में एक्वायर की गई थी, जबकि मानकपुर फेस टू के लिए उनकी जमीनें 2007 में एक्वायर की गई थी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो वे कार्यालय का ताला लगा देंगे। बता दे कि इससे पहले किसानों मुआवजे को लेकर जुलाई माह में गांव उद्यमगढ़ में पंचायत की थी। जिसके बाद एक अगस्त को एचएसआईआईडीसी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया था।
-2007 में अधिग्रहित हुई थी 180 एकड़ जमीन-
एचएसआईआईडीसी द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया मानकपुर फेस टू बनाने के लिए वर्ष 2007 में मानकपुर, गढी व उद्यमगढ़ गांव के करीब 150 किसानों की करीब 180 एकड़ जमीन एक्वायर की थी। इसके बाद सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ आठ लाख रुपये मुआवजा दिया था। किसानों ने अधिक मुआवजा लेने के लिए कोर्ट में केस दायर कर दिया। बीते वर्ष कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि इन किसानों को प्रति एकड़ 30 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। कोर्ट के आदेश के बावजूद एचएसआईआईडीसी ने प्रभावित किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया तो कोर्ट ने एचएसआईआईडीसी के बैंक खाते अटैच कर दिए थे। इतना ही नहीं इस मामले में कोर्ट के आदेश पर करीब दो महीने पहले डीसी की सरकारी गाड़ी भी अटैच की गई थी। इसके बावजूद सरकार ने अब तक किसानों को बढा हुआ मुआवजा नहीं दिया है।