विश्वकर्मा चौक पर बना करीब तीन सौ मीटर लंबा डिवाइडर हादसों की वजह बन रहा है। धुंध के साथ यहां हादसों का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। ऐसा नहीं है कि इस रोड की खामी की जानकारी अधिकारियों को नहीं है, मगर वे इसके सुधार में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिसकी वजह से लोगों में रोष बढ़ रहा है।
कुरुक्षेत्र-यमुनानगर स्टेट हाइवे हैं, जोकि सिंगल रोड है। मगर विश्वकर्मा चौक पर करीब तीन सौ मीटर डिवाइडर है। रादौर से आते हुए डिवाइडर नजर नहीं आता। यहां पर न तो कोई साइन बोर्ड है और न ही लाइट का कोई प्रबंध है। ऐसे में डिवाइडर ही हादसों की वजह बन रहा है।
लोगों ने बढ़ रहे हादसों को रोकने के लिए 17 दिन पहले यहां पर अपने स्तर पर बैरीकेट रखवा दिया। मगर यहां हुए हादसों की वजह से बैरीकेट भी टूट चुका है।
ये हुए हादसे:
-17 दिसंबर को डिवाइडर पर ट्रक चढ़ गया।
-एक दिसंबर सिलेंडर से भरा ट्रक पलटा।
-एक दिसंबर ही स्कार्पियो गाड़ी डिवाइडर पर चढ़ी, ट्रायर फटा
-डिवाइडर से टकराकर कार क्षतिग्रस्त हुई
-टमाटर से भरी मैक्सी कैप पलटी।
दिखाई नहीं देता डिवाइडर: मुनीष
दुकानदार मुनीष ने बताया कि डिवाइडर की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। धुंध या रात के समय चालक डिवाइडर वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते हैं। जब तक डिवाइडर दिखाई देता है, तब तक वाहन चालक का नियंत्रण नहीं रहता और हादसा हो जाता है। इसलिए यहां पर संकेतक या बोर्ड लगाया जाना चाहिए। जिससे वाहन चालक को पहले ही पता चल जाए कि यहां से डिवाइडर शुरू हो रहा है।
धुंध में बढ़ा हादसों का ग्राफ: आहुजा
रादौर रोड स्थित दुकान आत्म प्रकाश आहुजा का कहना है कि डिवाइडर जोडिय़ा गांव तक होना चाहिए। यहां पर कई हादसे हो चुके हैं। धुंध में हादसे का ग्राफ बढ़ जाता है। यहां पर कोई सूचना पट्ट भी नहीं है। जिससे चालक को डिवाइडर का पता भी नहीं पाता। दुकानदारों में डर बना रहता है कि किस वाहन चालक अनियंत्रित होकर दुकान में ही न घुस जाए। कुछ दिन पहले हुए हादसे में सिलेंडर का ट्रक दुकान के पास आकर पलटा था।
अधिकारी को दूर करनी चाहिए समस्या: संदीप
ममीदी गांव निवासी संदीप कुमार का कहना है कि सुबह काम पर जाने के लिए यहां निकलता हूं। हर रोज डिवाइडर पर कोई न कोई वाहन क्षतिग्रस्त दिखाई देता हैं। इसलिए अधिकारियों को इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। संदीप ने बताया कि रादौर से यमुनानगर जाते हुए ढाल आती है। जिससे वाहन की गति तेज हो जाती है और नीचा होने के कारण डिवाइडर दिखाई नहीं देता। जिसकी वजह से हादसा हो जाता है। इसलिए यहां से डिवाइडर को हटा दिया जाना चाहिए या हादसों को रोकने के लिए प्रबंध किए जाने चाहिए।
स्ट्रीट लाइट भी नहीं: प्रवीण
रादौर रोड स्थित दुकानदार प्रवीण का कहना है कि यहां पर कोई स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नही है। एक लाइट है, जोकि बंद ही रहती है। डिवाइडर सड़क के बीचों बीच में आ जाता है। जिससे रात को तेज गति से आ रहे चालक को दिखाई नहीं देता और हादसा हो जाता है। यहां पर तुरंत स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए।