बिजली निगम के ट्रांसफार्मर बचने के आरोप में पुलिस ने निगम के दो जेई समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई बुधवार देर शाम की, वहीं गुरुवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया है। बिजली निगम के दो जेई के अलावा पकड़े गए अन्य तीन आरोपी ट्रांसफार्मर खरीदते थे। इससे पूर्व मामले की जांच करने पहुंची विजिलेंस की टीम के साथ एचएसईबी वर्कर यूनियन के नेताओं की काफी तकरार भी हुई।
जानकारी के अनुसार बिजली निगम व विजिलेंस अधिकारी मामले की जांच कर रहे थे। इसके बाद ही पुलिस ने पहले शहर के ममीदी निवासी अजय कुमार, जगाधरी के गुलाब नगर निवासी राधेश्याम और गंगोह निवासी सचिन को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ट्रांसफार्मर ठीक करने की निजी वर्कशाप चलाते थे। तीनों से पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह यह ट्रांसफार्मर बिजली निगम के जेई रूपनगर के प्रवीण व महलांवाली के जेई संजीव से खरीदते थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों जेई को हिरासत में ले लिया वहीं, मामले को लेकर करनाल व कुरुक्षेत्र में भी छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। बॉक्स
ट्रांसफार्मर में खराबी बताकर थे बेचते
पुलिस ने दोनों जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, सरकारी संपति को खुर्द बुर्द करने के आरोप में केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि दोनों जेई किसानों के खेतों या अन्य रिहायशी इलाकों में रखे बिजली निगम के ट्रांसफार्मर में खराबी बताकर उन्हें बेच देते थे। फिलहाल दोनों जेई व अन्य तीन लोगों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर एक दिन के लिए रिमांड पर लेकर अगामी पूछताछ शुरू कर दी है।
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जेई के पक्ष में आई यूनियन, अधिकारियों से हुई तकरार
मामले के बाद एचएसईबी वर्कर यूनियन पकड़े गए दोनों जेई के पक्ष में आ गई। यूनियन पदाधिकारी यमुनानगर एसई कार्यालय पहुंच गए। जहां जांच करने पंचकूला से पहुंची टीम से यूनियन नेताओं की तकरार हुई। यूनियन के सर्कल सचिव अशोक शर्मा ने कहा कि पुलिस ने दोनों जेई को गलत गिरफ्तार किया है। पहले पुलिस को जांच करनी चाहिए थी। हम इन्हें छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन पुलिस को जांच करने के बाद इन्हें गिरफ्तार करना चाहिए था। पुलिस द्वारा उठाए कदम को वह सहन नहीं करेंगे। अशोक शर्मा ने कहा कि फसली सीजन में ट्रांसफार्मर ज्याद खराब होते हैं। नए ट्रांसफार्मर की कमी हो जाती है। इसलिए जेई अपने स्तर पर ही निजी वर्कशाप से ट्रांसफार्मर ठीक करवा लेते थे, इसमें जेई का कोई दोष नहीं है।
वर्जन
दो जेई व तीन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लिया है। उनसे पूछताछ की जाएगी कि मामले में कौन-कौन संलिप्त है।
ऊषा राठी, डीएसपी।