जिलेभर में रविवार को शरद ऋतु की पहली बारिश हुई। सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बारिश होती रही। रादौर और बिलासपुर क्षेत्र कुछ इलाकों में हल्की ओलावृष्टि हुई। बरसात से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। सुबह के समय शुरू हुई बारिश से जन-जीवन प्रभावित हो गया। बारिश को गेहूं, गन्ना और सरसों की फसलों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है। जिले में औसतन चार एमएम बारिश से तापमान गिरकर सात डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे आसमान में घने बादल छा गए। करीब छह बजे बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे तक रुक-रुक कर बरसात होती रही। जिले में कई स्थानों पर हल्की तो कहीं जमकर बारिश हुई। रुक-रुककर चली बारिश के कारण लोगों को दैनिक कार्य करने में दिक्कत आई। संडे की छुट्टी का दिन होने के कारण अधिकतर लोग घरों में ही दुबके रहे। करीब दो बजे आसमान से बादल छटें और मौसम सामान्य हुई। हालांकि ठंडी हवाओं ने लोगों की कंपकपी बढ़ाई।
30 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील, आज भी बूंदाबांदी की संभावना :
चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार से मौसम विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक 26 दिसंबर को भी कहीं-कहीं हल्की बुंदाबांदी भी हो सकती है, लेकिन बाद में मौसम शुष्क रहने और घना कोहरा छाने की संभावना है। 30 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। गेहूं व सब्जियों की फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें और आलू की फसल में मिट्टी चढ़ा दें।
दोपहर तक बरसात, फिर ठंडी हवाएं
दोपहर करीब डेढ़ बजे बारिश रूक गई थी। लेकिन इसके बाद सूर्यदेव और बादलों की लुकाछिपी दिनभर जारी रही और ठंडी हवाएं भी चलती रही। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लिया। अधिकतर लोग बरसात व सर्दी से बचने के लिए अपने ही घरों में दुबके रहे।
सात डिग्री तक पहुंचा न्यूनतम तापमान
जिले में हुई बारिश व कई इलाकों पर हल्की ओलावृष्टि ने मौसम में ठंडक घोलने का काम किया है। रविवार को न्यूनतम तापमान सात व अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से लेकर दोपहर तक शहर में बारिश होती रही। बारिश का असर बाजारों में खूब देखने को मिला। सामान्य दिनों की बजाय दुकानें देरी से खुली और ग्राहकों की आवक भी कम रही। ठंड से निजात पाने के लिए लोग लोग चाय की चुस्कियां व अलावा सेंकते हुए देखे गए।
हरनौल में फसलों को भारी नुकसान
रादौर। रविवार की सुबह हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से गांव हरनौल व आसपास के गांव में सरसों, बरसीन, गेहूं की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। रविवार को भारतीय किसान यूनियन प्रदेश संयोजक बाबुराम गुंदयाना व संजू गुंदयाना ने प्रभावित गांव में जाकर जायजा लिया। भाकियू ने सरकार से मांग की है कि सरकार प्रभावित गांव में फसलों के नुकसान की विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दें।
गांव हरनौल निवासी सुखबीर सिंह सुक्खा, कुलदीप सिंह, सतनाम सिंह, हरीचंद, ज्ञानचंद, अशोक कुमार, रोमी, सोहनलाल, जसबीर, टींकू जेलदार, बलदेव आदि ने बताया कि रविवार की सुबह हुई भारी बारिश व ओलावृष्टि से गांव हरनौल, मोडली, बदनपुरी, दौलतपुर, रेतगढ़, गोलनपुर, मनसापुर, छोटा टोपरा आदि गांवों में बरसीन, सरसो व गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई जगह गेहूं की पौध पानी में डूब गई। कुछ देर हुई ओलावृष्टि से सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से सरसों उत्पादन में गिरावट आ सकती है। प्रभावित किसानों ने सरकार और प्रशासन के अधिकारियों से उनकी मदद करने की गुहार लगाई है।