फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: मां कालरात्रि की पूजा कर मांगा आशीर्वाद मांगा

विज्ञापन
आरती के दौरान पूजन करते मंदिर के पुजारी। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


जगाधरी। अश्विनी माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर नगरी मां भवानी के जयकाराें से गूंज उठी। भोर होते ही श्रद्धालु मंदिराें में पहुंचे और मां कालरात्रि की पूजा कर आशीर्वाद मांगा। मंदिरों में भक्तों का देर शाम तक तांता लगा। सुबह शाम आरती में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली।
भक्तों ने मां के सम्मुख धूप, दीप, नवैद्य, पुष्प इत्यादि अर्पित किए और शंख व घड़ियाल के साथ मां की स्तुति की। वहीं, सोमवार को मां महागौरी की पूजा की जाएगी। महागौरी की पूजा के साथ भक्त अपना नवरात्र व्रत का पारण करेंगे और घरों व प्रतिष्ठानों पर कन्याओं को भोजन करवाएंगे।
विज्ञापन


सोमवार को मंदिरों में भक्तों ने मां कालरात्रि के स्वरूप के दर्शन किए। पूजा, कीर्तन, आरती के साथ मंदिरों में देर रात तक भक्तों की भीड़ रही। सोमवार को तड़के से मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। इस दौरान जगाधरी देवी भवन मंदिर, श्रीमूर्ति देवी मंदिर, देवा जी मंदिर, चिंतपूर्णी मंदिर, जंगला वाली माता मंदिर, पौराणिक कालेश्वर महादेव मठ मंदिर, सूर्यकुंड मंदिर सहित जिलेभर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
भक्तों ने विधि विधान से मां का श्रृंगार कर उनकी पूजा की गई। शहर के प्राचीन देवी मंदिराें में देर शाम तक भक्तों की भीड़ दर्शनों को जुटी रही। महिला मंडलियों ने कीर्तन में भजनों गाकर मां को प्रसन्न किया। मंदिरों के बाहर माता रानी की चुनरी, पान बताशा, नारियल और फूल माला की दुकानें गुलजार दिखी। नवरात्र के चलते मंदिरों में मेले की तरह भीड़ हो रही है।
विज्ञापन

महागौरी की पूजा के साथ पूर्ण होगा व्रत
पंडित रमन वत्स ने बताया कि नवरात्र की अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा का विधान है। मां महागौरी की पूजा के साथ कन्या पूजन व भोज करवाया जाता है। नवरात्र व्रत पारण कन्या पूजन व भोज के बिना पूरा नहीं होता है। मान्यता अनुसार मां महागौरी भगवान शिव की अर्धांगिनी हैं और उनके साथ ही विराजमान हैं। मां महागौरी श्वेत वस्त्र धारण करती हैं। चार भुजाओं वाली मां महागौरी को श्वेतांबरधरा भी कहा जाता है। उनकी छवि अत्यंत शांत, कोमल और तेजस्वी है। एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में डमरू, तीसरा हाथ अभय और चौथा हाथ वरमुद्रा में है। मान्यता हैं कि मां भक्तों को अन्नपूर्णा का वरदान देती हैं। मां महागौरी को नारियल से बनी मिठाइयों का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा काले चने और सूजी का हलवा भी उन्हें अत्यंत प्रिय है।

आरती के दौरान पूजन करते मंदिर के पुजारी। संवाद

आरती के दौरान पूजन करते मंदिर के पुजारी। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें