साढौरा। नकटी नदी के दक्षिणी तट की तरफ पिछले साल बनाए गए तटबंध को सिंचाई विभाग द्वारा हटाने का काम शुरू कर दिया गया। तटबंध को हटाने के बाद सिंचाई विभाग नदी की खोदाई कराने की योजना बना रहा है।
अमित सेतिया ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया यह तटबंध शुरू से विवादों में रहा है। नगर पालिका की चेयरपर्सन शालिनी शर्मा ने तटबंध बनाए जाने पर सवाल उठाए थे। उनका तर्क था कि अगर तटबंध बनाने के बजाय नदी की खोदाई कराई जाए तो कस्बे में जलभराव नहीं होगा। तटबंध बनाने के बजाय खोदाई पर लागत भी कम आती है। बावजूद इसके सिंचाई विभाग ने नदी में सरकारी जमीन पर किए कब्जों से हटकर तटबंध बना दिया। तटबंध बनाए जाने से केवल अवैध कब्जे ही सुरक्षित हुए, वहीं तटबंध बनाए जाने से नकटी नदी का प्रवाह क्षेत्र का दायरा भी सिमट गया।
नतीजन बारिश के दिनों में नकटी नदी का उफनता पानी आगे जाने के बजाय कस्बे के कई मोहल्लों में जलभराव का कारण बन गया। जलभराव से कई मोहल्लों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। जलभराव से लोगों का घरेलू सामान व राशन खराब होने से उन्हें नुकसान सहना पड़ा। तब तत्कालीन डीसी मनोज कुमार ने तटबंध का निरीक्षण किया। इसके डिजाइन को गलत ठहराते हुए इसे मूल स्थान पर बनाने के निर्देश दिए। कुछ दिन पहले वर्तमान डीसी पार्थ गुप्ता ने भी इस जगह का निरीक्षण कर ऐसे निर्देश देने के साथ पर्याप्त निकासी के लिए नदी की खोदाई कराने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों का पालन कर सिंचाई विभाग ने गलत तरीके से बने तटबंध के हिस्से ढहाने शुरू कर दिए हैं।
-
तटबंध को जहां तक संभव होगा, वहां तक पीछे हटाकर बनाया जाएगा। इससे नदी के प्रवाह क्षेत्र का दायरा विस्तृत हो जाएगा। नदी की खोदाई के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इसकी स्वीकृति मिलते ही नदी की पांच से छह फुट तक खोदाई की जाएगी।
विशाल धीमान, जेई, सिंचाई विभाग।