संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। ग्रीष्मकालीन अवकाश को दस दिन बीत गए हैं। अभी तक जिला शिक्षा विभाग ने निदेशालय के मूल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश पर काम शुरू नहीं किया है। निदेशालय ने इसके लिए मई में ही पत्र जारी कर आदेश दिया थआ। निदेशालय ने पत्र में कहा था कि तमाम विद्यालयों में अलग शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निदेशालय ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान स्कूलों में कक्षाओं के टूटे दरवाजे व खिड़कियां ठीक कराने, शौचालयों की मरम्मत, टूटी सीटें बदलवाने, पानी के नल दुरुस्त करने और सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे, ताकि सत्र शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके। अभी तक विभाग को जिले के विद्यार्थियों में करवाए जाने वाले कार्यों की जानकारी तक नहीं है।
नया सत्र शुरू होने से पहले विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के विभिन्न गांवों के 38 विद्यालयों में शौचालय की समस्या है। इनमें से कई विद्यालयों के शौचालयों में दरवाजे क्षतिग्रस्त हैं, तो कई की सीट टूटी हुई है। कई में पानी की समस्या और कहीं पानी व्यर्थ बह रहा है। निदेशालय ने यह आदेश जिले के उच्च एवं वरिष्ठ माध्यिक विद्यालयों के लिए दिए हैं। वहीं प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में होने वाले कार्यों की जानकारी मांगी है।
इसके बावजूद जिला शिक्षा विभाग की ओर से न तो अधिकारियों ने विद्यालयों का निरीक्षण किया गया और न ही स्कूल मुखियाओं से आवश्यक कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली गई है। ऐसे में छुट्टियों के शेष दिनों में सभी कार्य समय पर पूरे होने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विद्यालय परिसरों और भवनों की छतों पर कांग्रेस घास उग आई है, जिससे बरसात में भवनों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार अवकाश अवधि में ही सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जाने थे, ताकि स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। परंतु वर्तमान स्थिति को देखते हुए नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों व शिक्षकों को अव्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई करनी पड़ सकती है। जिले में कुल 111 उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 82 वरिष्ठ माध्यमिक व 29 उच्च विद्यालय हैं। इसमें करीब 35,000 विद्यार्थी हैं।
जिले के विद्यालयों में काम करवाने के लिए सभी मुखियाओं को आदेश दिए हैं। छुट्टियों से पहले अधिकारियों ने विद्यालयों का निरीक्षण भी किया था। कई विद्यालयों में खामियां मिली हैं। छुट्टियों से पहले सभी काम हो जाएंगे। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।