संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पटवारियों की हड़ताल के चलते तहसील कार्यालय में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो गया है। सोमवार को दो दिन की हड़ताल के बाद काम की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को पटवारी कार्यालयों पर ताले लटके मिले। मजबूरन लोगों को बिना काम बैरंग लौटना पड़ा।
हड़ताल के कारण अधिकारी भी कमरों में अधिकांश समय खाली बैठे नजर आए और लोग काम के लिए इधर-उधर भटकते रहे। हड़ताल के कारण जिले में करीब एक हजार डोमिसाइल, 700 इंतकाल, वारसान रिपोर्ट, जमाबंदी, फर्द और कोर्ट से संबंधित कार्य अटक गए हैं। डोमिसाइल नहीं बन पाने से विद्यार्थियों और अन्य जरूरतमंद लोगों के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
तीन दिन की हड़ताल से लंबित मामलों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। लोगों का कहना है कि कार्यालय पहुंचने के बावजूद काम नहीं हो रहा, जिससे उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पटवारियों ने तीसरे दिन भी अनाजमंडी में मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ धरना दिया। इस दौरान पटवारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व प्रधान रामफल गुर्जर ने किया। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर सरकार से एसोसिएशन की सहमति नहीं बन पाई है। इस कारण दो दिन हड़ताल बढ़ा दी गई है। ऐसे में मंगलवार को भी दी रेवेन्यू पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले पटवारी हड़ताल पर रहेंगे और धरना देंगे। इस दौरान अवतार सिंह, अभिषेक सिंह, सतीश मालिक, सलीम खान, संजय कुमार, राजीव हुसैन, अभिषेक कुमार, मनीष, देवी चंद सभी पटवारी व कानूनगो उपस्थित रहे।
छुट्टी लेकर आया
बूड़िया चुंगी निवासी निखिल ने बताया कि उन्हें मकान इंतकाल बनवाया था। इसके लिए वह काम से छुट्टी लेकर पटवारी कार्यालय पहुंचे थे। वह पहले भी आए थे, लेकिन हड़ताल की जानकारी मिली। काम होने की उम्मीद से सोमवार को फिर आए तो भी पटवारियों के हड़ताल पर होने का पता चला।
नहीं मिली जमाबंदी
शहर के वरिष्ठ नागरिक घनश्याम दास ने बताया कि वह जमाबंदी निकलवाने पटवारी कार्यालय आए थे। परंतु यहां आकर कार्यालय पर ताला देखा। जानकारी की मिली पटवारी दो दिन की हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले भी इसके लिए कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। हड़ताल के कारण लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।
वारसान रिपोर्ट नहीं मिली
तेजली निवासी रवि किशन ने बताया कि वह मकान की वारसान रिपोर्ट बनवाने आए थे। बेटे की मृत्यु के बाद मकान अपनी पत्नी के नाम करवाना है। पहले वीरवार को बुलाया गया था। वह पहुंचे तो हड़ताल का पता चला, जिस पर लौट गए। सोमवार को पहुंचे तो भी काम नहीं हुआ। वह शारीरिक रूप से निशक्त हैं और अधरंग के पीड़ित हैं
फिर मिली निराशा
जगाधरी निवासी कृष्णपाल ने बताया कि वह इंतकाल बनवाने के लिए थे। काम बीच में छोड़कर सोमवार को पटवारी कार्यालय पहुंचे तो यहां ताला लटका मिला। इस दौरान पता चला कि पटवारी मंगलवार तक हड़ताल पर हैं। पिछले सप्ताह आए थे तो वीरवार को बुलाया था, परंतु तब भी हड़ताल के कारण काम नहीं हुआ।
निखिल।
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