संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की भी अहम भूमिका है। इनके वोट अपने पक्ष में लाने के लिए राजनीतिक दल, प्रत्याशी व उम्मीदवार भी महिलाओं संबंधी घोषणाएं व बयान दे रहे हैं। महिला मतदाता भी चुनावी सरगर्मी के बीच अपने मुद्दे बता रही हैं। रसोई व घर के खर्च को कम करने सहित महिला सुरक्षा बढ़ाने के मुद्दे को महिलाएं अहम मान रही हैं। उनका कहना है कि रसोई बजट कम करने व महिला सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या क्या जाएगा, यह राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को स्पष्ट करना होगा।
अशोक धवन ने कहा कि रसोई व घरेलू खर्च को कम किए जाने चाहिए। इस खर्च से सभी परिवारों प्रभावित होते हैं। अभी खाद्य-पेय पदार्थों सहित घरेलू वस्तुओं के दाम काफी अधिक है, जिससे खासकर मध्यम व निम्न वर्ग परेशान हैं। इसलिए विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरे राजनीतिक दल व प्रत्याशियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह रसोई व घरेलू बजट को कम करने के लिए क्या करेंगे। इससे महिला मतदाताओं को चुनाव में मतदान का फैसला लेने में मदद मिलेगी।
सुमन देवी ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर भी कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है। विधानसभा चुनाव के बीच इस मुद्दे पर भी सभी राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को अपना पक्ष जनता के समक्ष रखना चाहिए। क्योंकि किशोरियों, युवतियों व महिलाओं के साथ अपराध पर अंकुश नहीं लग पाया है। कठोर कानून बनने के बाद भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, इन्हें रोकने के लिए नेता क्या प्रयास करेंगे यह बताया जाना चाहिए। यह देख महिला मतदाताओं को विधायक पद के लिए प्रत्याशी को चुनना चाहिए।
रानी देवी ने कहा कि काफी बेटियां आज भी शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। इस कारण वह अपने अधिकार नहीं जान पाती और समाज की मुख्यधारा से खुद को जोड़ नहीं पाती। ऐसे में हर बेटी को उच्च शिक्षा देने की नीति बनानी चाहिए। इस मुद्दे को सभी राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को गंभीरता से लेना चाहिए और जनता के समक्ष बेटियों की शिक्षा के मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि मामले में बेहतर सोच व नीति वाले दल व प्रत्याशी का चयन किया जा सके।
आरती शर्मा ने कहा कि रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाला सामान सस्ता किया जाना चाहिए। क्योंकि इससे हर वर्ग खुशहाल होगा। इसलिए सभी राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को बताना चाहिए कि वह किस तरह रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम कम करेंगे। इसमें रसोई, घरेलू, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी सामान शामिल किया जाए। यह सामान सस्ता होने पर मध्यम व निम्न वर्ग के परिवारों खुशहाल होंगे।