जगाधरी। चूल्हा चौका छोड़कर महिलाओं व लड़कियों की भीड़ मतदान के लिए उमड़ी नजर आई। लोकसभा चुनाव में मतदान करने के लिए उनमें नया जोश दिखा। किसी ने ससुराल से आकर मतदान किया, तो कोई रिश्तेदारों के यहां से अपना फर्ज अदा करने पहुंच गई। युवा लड़कियों व महिलाओं का कहना है कि भले ही उन्हें लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण न मिला हो, लेकिन अपनी मनपसंद सरकार चुनने में किसी से पीछे नहीं है।
जगाधरी में बने पोलिंग बूथों पर सुबह सात बजे से ही महिलाओं व युवा लड़कियों की भीड़ उमड़ी मतदान के लिए उमड़ी नजर आई। जैसे जैसे दिन चढ़ा भीड़ बढ़ती चली गई। महिलाओं ने कहा कि मतदान का फर्ज अदा करने के बाद ही वे गृहस्थी के प्रति बखूबी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर करेंगी। यही सोच लेकर ही वे मतदान करने के लिए आई है। अपनी दो बेटियां के साथ वोट डालने पहुंची सोनम शर्मा ने कहा कि महिलाओं पर चूल्हा चौका करने का तमगा लगा हुआ है। लोकतंत्र की नींव मजबूत करने के लिए महिलाओं व युवा वोटरों को आगे आने की जरूरत है। यही वजह है कि दोनों मोर्चों पर वह बखूबी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है। इसलिए वह बेटियां के साथ मतदान करने आई है। गढ़ी मुंडो स्कूल में मतदान के लिए पहुंची चितवन ने बताया कि वह किसी काम से अंबाला अपने रिश्तेदारों के यहां पर गई थी। बावजूद इसके अपना फर्ज अदा करने के लिए वह मतदान करने के लिए जगाधरी वापस आई है। सेक्रेड हार्ट स्कूल में मतदान करने पहुंची आकृति गोयल ने कहा कि अविवाहित होने के बावजूद उसके मतदान पहचान पत्र पर पिता व पति का नाम एक लिख दिया है, जो कि बहुत बड़ी गलती है। इसके बावजूद उसने पहली बार मतदान किया है। ताकि वह लोकतंत्र में अपनी भागेदारी सुनिश्चित कर सकें।
गौरी शंकर कालोनी निवासी शैलजा त्यागी, प्रवेश शर्मा, निर्मला शर्मा तथा श्रीमती नीरज शर्मा का कहना है कि जितना जरूरी गृहस्थी संभाला है, उतना ही जरूरी मतदान करना है। लोकतंत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने तथा महिलाओें की आवाज बुलंद करने के लिहाज से उन्होंने मतदान किया है।