संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाएं अब स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार की राह अपना रही हैं। समूहों की बैठकों में प्रशिक्षण और जागरूकता हासिल करने के बाद महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, कॉस्मेटिक, ब्यूटी पार्लर सहित विभिन्न व्यवसायों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं अब दूसरी महिलाओं और युवतियों को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि पहले उन्हें रोजगार के लिए परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी रुचि के अनुसार काम सीखने और उसे व्यवसाय के रूप में अपनाने का अवसर मिला।
बैठकों के दौरान विशेषज्ञों और अनुभवी महिलाओं की ओर से दिए जाने वाले प्रशिक्षण से उन्हें काम शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। कई महिलाएं सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लेकर घर से ही कपड़े सिलने का काम कर रही हैं। वहीं कुछ महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें शुरू की हैं।
दुकानों पर आने वाली महिलाओं और युवतियों को भी वे विभिन्न उत्पादों की जानकारी देने के साथ स्वयं का काम शुरू करने के लिए प्रेरित करती हैं। समूहों से जुड़ी कई प्रशिक्षित महिलाएं दुकानों और प्रशिक्षण केंद्रों पर दूसरी महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, मेकअप तथा कॉस्मेटिक से जुड़े काम सिखा रही हैं। प्रशिक्षण देने के बदले उन्हें आमदनी भी हो रही है। इससे उन्हें रोजगार के साथ अपनी पहचान बनाने का अवसर मिला है।