यमुनानगर। मनी लॉन्ड्रिंग केस में डिजिटल अरेस्ट दिखाकर साइबर ठगों ने सेक्टर 17 निवासी महिला डॉक्टर से 13 लाख 20 हजार 777 रुपये की ठगी कर ली। ठग ने खुद को साइबर क्राइम दिल्ली का अधिकारी बताकर महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट दिखाकर ठगी को अंजाम दिया। ठगी का पता चलने पर डॉक्टर ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सेक्टर 17 निवासी एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका मॉडल टाउन में क्लीनिक है। नौ नवंबर को उसके पास अनजान नंबर से फोन आया।
फोन करने वाले ने बताया कि वह साइबर क्राइम दिल्ली से बोल रहा है। उसने कहा कि उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स और मानव तस्करी का केस दर्ज हुआ है। आरोपी ने उसे यह भी कहा कि उसका वर्ष 2017 से एचडीएफसी बैंक में खाता चल रहा है। जिसमें आपका मनी लांड्रिंग का पैसा आता है। इसके अलावा आपके आधार कार्ड पर कई मोबाइल नंबर चल रहे हैं।
इन नंबरों से लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा है और लोगों को धमकियां दी जा रही है। खुद को साइबर क्राइम अधिकारी बताने वाले ठग ने उसे कहा कि उसने अपने सभी बैंक खातों की जानकारी हमें भेजनी है। उसमें जो भी रुपये हैं। उसका 99 प्रतिशत सीबीआई में जमा कराने पड़ेंगे। यदि रुपये जमा नहीं कराए तो कानूनी कार्रवाई होगी।
आरोपी की बातों में आकर उसने आरोपी को सभी बैंक खातों की जानकारी दे दी। इसके बाद आरोपी ने उसे एक खाता नंबर भेजा और उसमें रुपये जमा कराने को कहा। आरोपी ने उसे धमकाया कि यदि उसने उन्हें रुपये नहीं भेजे तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा। घबराकर उसने उस खाते में पांच लाख 77 हजार रुपये जमा करा दिए। इसके बाद अलग-अलग कर 14 नवंबर तक आरोपी ने उससे 13 लाख 20 हजार 277 रुपये अपने खाते में जमा करा लिए।
कुछ दिन पहले महिला डॉक्टर कौन बनेगा करोड़पति धारावाहिक देख रही थी। जिसमें डिजिटल अरेस्ट से संबंधित जानकारी दी गई तो उसे ठगी का पता लगा। इसके बाद उसने आरोपी के नंबर पर संपर्क किया लेकिन आरोपी ने रुपये देने से मना कर दिया।
उसने इसकी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर की। साइबर क्राइम थाना प्रभारी रविकांत का कहना है कि महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठग ने ठगी की है। पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। आमजन से अपील है कि अनजान नंबर से आने वाले फोन पर अपनी जानकारी शेयर न करें। कोई भी लेनदेन करने से पूर्व फोन करने वाले की पूरी जानकारी ले। इसके बाद ही आगामी कदम उठाए।