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अब आंधी में गुल नहीं होगी बिजली

Mon, 07 Oct 2013 12:23 AM IST
यमुनानगर
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आंधी और तूफान आने पर भी अब गांव में लाइट जाने के कम ही चांस रहेंगे। इसके लिए गांव की पंचायत को एक रेजुलेशन पास कर बिजली निगम के अधिकारियों को थमाना होगा। इसमें बात रखनी होगी कि उनके गांव में मीटर पिलर बॉक्स लगाए जाएं।
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इसमें सभी मीटर घरों के बाहर लगेंगे। ऐसा करने के लिए बिजली निगम की ओर से एवीसी केबल डाली जाएगी। यह केबल डलते ही बारिश के दौरान आने वाली आंधी और तूफान में भी लाइट नहीं जाएगी। क्योंकि एवीसी केबल बाहर से प्लास्टिक की होती है। इससे तार टकराने का कोई चांस ही नहीं रहता और नॉन स्टॉप लाइट शहर की तर्ज पर ग्रामीणों को भी मिलती रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि अगर पंचायत साथ दे तो योजना के तहत गांव में काम होगा और फिर चाहे सर्दी का मौसम हो या फिर गर्मी का गांव में बिजली के लिए हाहाकार नहीं होगा। बिजली निगम की इस योजना से ग्रामीणों को फायदा होगा।

ये होगा लोगों और निगम को फायदा
यह केबल डलते ही गांव में शहर की तर्ज पर बिजली मिलेगी। इसके साथ ही कई अन्य फायदे ग्रामीणों और बिजली निगम को होंगे। इसमें सबसे बड़ा फायदा निगम को बिजली चोरी रुकने का होगा। क्योंकि जो केबल डाली जाएगी, उसमें कट नहीं लगाया जा सकेगा। अगर लाइन से किसी को बिजली कनेक्शन लेना है, तो उसे बिजली निगम के कर्मचारियों की सहायता लेनी पड़ेगी। बिजली कर्मचारी की सहायता के बिना इस केबल से कनेक्शन नहीं लिया जा सकेगा। इसके साथ ही तार टूटने की दिक्कत नहीं रहेगी। एक बड़ा फायदा यह होगा कि बरसात के दिनों में बिजली करेंट नहीं फैल पाएगा। साथ ही एक अन्य फायदा निगम को यह होगा कि गांव में लोड के हिसाब से बिजली सप्लाई की जाएगी।
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469 पंचायतें हैं जिले में
बात अगर जिले में पंचायतों की कि जाए तो यमुनानगर जिले में 655 गांव हैं और इनकी 469 पंचायतें है। ग्रामीण क्षेत्र में सात लाख 41 हजार 370 लोग हैं। अगर सभी पंचायतों की ओर से तनिक भी प्रयास किए जाते हैं, तो इससे गांव में शहरी क्षेत्र के समान ही बिजली मिल पाएगी।

किसी भी अधिकारी को दे सकते हैं रेजुलेशन
मीटर बॉक्स लगवाने के लिए बिजली निगम के जेई से लेकर एसई तक किसी को भी पंचायत रेजुलेशन पास कर दे सकती है। फिलहाल किसी भी पंचायत की ओर से रेजुलेशन नहीं दिया गया है। इस योजना का डेमो हो चुका है। जो सफल हुआ है। डेमो सफल होने पर अब इस योजना को बिजली निगम गांव में सफल बनाने में लगा है। इसके लिए अधिकारी प्रयास भी कर रहे हैं। गांव में पंचायत मेंबर तक इसकी जानकारी भी पहुंचाई जा रही है।
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