संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले को और नई इलेक्ट्रिक एसी बसें के लिए कुछ माह इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि पहले आचार संहिता हटने के बाद और नई बसों के आने की उम्मीद थी, पर इसमें कई माह का समय लगने की आशंका है। क्योंकि और नई बसों के आने से पहले उनके चार्जिंग व वॉशिंग प्वाइंट्स की संख्या बढ़ेगी। साथ ही मरम्मत के लिए अलग से कर्मशाला भी बनेगी।
ऐसे में मौजूद पांच इलेक्ट्रिक एसी बसों से ही जिले के लोगों को काम चलाना पड़ेगा। हरियाणा रोडवेज के यमुनानगर डिपो पर जनवरी में आई पांच इलेक्ट्रिक एसी बसों को 29 जनवरी से सिटी बस सेवा के तौर पर चलाया जा रहा है। अभी डिपो के कोटे की 45 और इलेक्ट्रिक एसी बसें आनी है।
इसके बाद शहर सहित ग्रामीण इलाकों को भी इलेक्ट्रिक एसी बस सेवा में कवर करने की योजना है। यमुनानगर व जगाधरी दोनों शहरों के साथ छछरौली में यह सेवा जारी है। और नई बसें आने पर बिलासपुर, छप्पर सहित वर्कशॉप रोड, बूड़िया सहित यमुनानगर व जगाधरी शहर के मुख्य रास्तों पर भी सेवा होगी।
इलेक्ट्रिक एसी बसों के चार्जिंग व वाशिंग स्टेशन सहित कर्मशाला के लिए दो साइट्स चिह्नित की गई हैं। एक साइट अंबाला-जगाधरी रोड पर भंभोली गांव की साढ़े चार एकड़ जमीन है, वहीं दूसरी साइट शहर के अंदर जगाधरी बस स्टैंड परिसर में पुरानी पानी की टंकी वाली जगह है। भंभोली के बाद जगाधरी बस स्टैंड पर भी यह निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। इनमें जगाधरी बस स्टैंड पर बसों के 10 चार्जिंग प्वाइंट्स व बसों की धुलाई के लिए वॉशिंग प्वाइंट्स बनेंगे।
साथ ही बसों की मरम्मत के लिए कर्मशाला भी होगी। ऐसे ही इससे बड़े स्तर पर भंभोली में निर्माण कार्य होगा। इलेक्ट्रिक एसी बस सेवा के प्रबंधक दिवाकर सिन्हा ने कहा कि अभी अन्य जिलों में इलेक्ट्रिक एसी बसें आनी है, जिसके बाद यमुनानगर में और इलेक्ट्रिक एसी बसें आएंगी। तब तक भंभोली व जगाधरी में चार्जिंग, वॉशिंग प्वाइंट्स सहित कर्मशाला बनाने के प्रयास हो रहे हैं।