जगाधरी। अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नोहरिया की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले के दो आरोपियों को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। दोषी का अपनी पत्नी के साथ तलाक का केस चल रहा था। 14 सितंबर 2019 को दोषी ने जैन कॉलोनी रादौर रोड पर अपनी पत्नी को गोली मार दी थी। पीजीआई में उपचार के दौरान आठ दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। तब से मामला अदालत में चल रहा था। जिसमें अब फैसला सुनाया गया है।
फर्कपुर थाना पुलिस को 14 सितंबर 2019 को सूचना मिली थी कि जैन कॉलोनी रादौर रोड पर एक महिला को गोली मारी गई है। घायल महिला को इलाज के लिए गाबा अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस अस्पताल पहुंची तो गोली लगने से घायल महिला आईसीयू में भर्ती थी। आईसीयू में महिला के साथ करनाल के गांव गोगड़ीपुर निवासी रोबिन मौजूद था। रोबिन ने पुलिस को बताया था कि जिस महिला को गोली लगी है, वह रोहतक के गांव कलानौर मुझेड़ी निवासी सोनिया है। वह उसकी जानकार है। उसकी शादी करनाल के गोगड़ीपुर गांव निवासी नरेश के साथ हुई है। सोनिया ने अपने पति से तलाक लेने के लिए अदालत में केस दायर किया हुआ है। रोबिन ने बताया कि सोनिया यमुनानगर में किराए के मकान में रहती थी। सोनिया उसके साथ मोटरसाइकिल पर जा रही थी। जब वे जैन कॉलोनी रादौर रोड पर पहुंचे तो सड़क के दूसरी ओर नरेश खड़ा हुआ मिला। उसने सोनिया को आवाज देकर बुलाया। जब वह और सोनिया नरेश के पास पहुंचे तो नरेश ने अदालत में चल रहे तलाक के केस पर बात करनी चाही तो सोनिया ने मना कर दिया। इस पर नरेश ने जेब से देसी कट्टा निकाला और सोनिया को गोली मार दी। गोली सोनिया की छाती के पास लगी थी। गोली मारने के बाद नरेश मौके से फरार हो गया था। वह घायल सोनिया को अस्पताल लेकर आया। सोनिया बयान देने की हालत में नहीं थी। 14 सितंबर 2019 को रोबिन के बयान पर फर्कपुर थाना पुलिस ने नरेश के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद अस्पताल में सोनिया की हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। जहां 22 सितंबर को इलाज के दौरान सोनिया की मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या की धारा जोड़ दी थी। तभी से यह मामला अदालत में चल रहा था। मंगलवार को अदालत ने नरेश को दोषी करार दिया था। बुधवार को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
सीसीटीवी में कैद हुई थी वारदात, सजा दिलाने में फुटेज बनी अहम सबूत
पत्नी को गोली मारने की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई थी। दोषी को उम्रकैद की सजा दिलाने में सीसीटीवी फुटेज अहम सबूत था। सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि एक महिला और दो व्यक्ति एक साथ खड़े हैं। जो दो व्यक्ति हैं, उसमें एक महिला का पति नरेश है और दूसरा उसका दोस्त रोबिन था। दोनों को बीच काफी देर तक बात होती है। इस दौरान नरेश महिला को गोली मार देता है। गोली लगने से महिला सड़क पर जा गिरती है और गोली मारने वाला वहां से फरार हो जाता है। साथ में खड़ा रोबिन उसे उठाता है और फिर वहां लोग एकत्रित हो जाते हैं और महिला को अस्पताल ले जाते हैं। तब पुलिस ने इस सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लिया था। अदालत में यह फुटेज दोषी को सजा दिलाने में अहम सबूत साबित हुई।