तापमान में बढ़ोतरी होते ही खेतों में गेहूं कटाई ने जोर पकड़ लिया है। अनाज मंडियों में धीरे-धीरे गेहूं की आवक भी बढ़ने लगी है। तापमान में वृद्धि गेहूं के लिए फायदेमंद है। बारिश की वजह से गेहूं में जो नमी थी वह बढ़ते तापमान की वजह से कम होगी। इससे किसानों को अनाज मंडियों में गेहूं सुखाने के लिए किसानों को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। शुक्रवार को अनाज मंडियों में 4024 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। जिले की 13 अनाज मंडियों में विभिन्न एजेंसियों द्वारा अब तक 5939 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। सरस्वतीनगर अनाज मंडी में सबसे ज्यादा 1646 मीट्रिक टन व सबसे कम रणजीतपुर अनाज मंडी में 68 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। इसी तरह बिलासपुर मंडी में 673, छछरौली में 284, गुमथला राव में 214, जगाधरी मंडी में 912, जठलाना में 117, खारवन में 148, रादौर में 1194, रसूलपुर में 104, साढौरा में 579 मीट्रिक टन खरीदा जा चुका है।
गेहूं कटाई से ठीक पहले बारिश होने से खेत गीले हो गए थे। जिस कारण खेतों में गेहूं कटाई नहीं हो सकी थी। मौसम को देखते हुए ज्यादातर किसान गेहूं कटाई कंपाइन मशीनों से करवाना चाहते हैं। लेकिन खेत गीले होने से खेतों में कंपाइन मशीन खेतों में नहीं चल रही थी। तीन-चार दिन से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग ने बुधवार तक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना जताई है। हालांकि मंगलवार को बादल भी छा सकते हैं। बादल छाने के साथ यदि बूंदाबांदी हुई तो एक बार फिर से गेहूं कटाई का काम धीमा पड़ सकता है। शुक्रवार को खेतों में कई जगह कंपाइन मशीन गेहूं की कटाई करते हुए देखी गई।
गांव हरनौली के किसान किरणपाल ने बताया कि वह जगाधरी अनाज मंडी में गेहूं लेकर आया था। अधिकारियों ने उसे कहा कि अभी गेहूं में कुछ नमी है। इसलिए वह पहले गेहूं को सुखा ले। इसके बाद खरीद की जाएगी। मंडी में किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं है। यहां बने शौचालय खस्ता हालत में है। उनमें से बदबू आती है।
गांव मुसिंबल के किसान हरनीत सिंह ने बताया कि गेहूं की खरीद देरी से शुरू हुई है। वहीं बारिश की वजह से भी कटाई में देरी हुई। मंडी में गेहूं बेचने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारी गेहूं में नमी बता रहे हैं। जगाधरी अनाज मंडी में सड़कें टूटी पड़ी हैं। बजरी बिखरी पड़ी है। ऐसे में गेहूं को कहां सुखाएं।