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बारिश से मौसम हुआ सुहावना, जलभराव से दिक्कत

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Weather became pleasant due to rain, problem due to water logging - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। जिले में पिछले तीन दिन से हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बीच सुबह से लेकर शाम तक चली ठंडी हवा के चलते तापमान में बड़ी गिरावट आई है। जिससे गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की है।
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रविवार को भी मौसम बेहद सुहावना रहा। इस सुहावने मौसम ने हरियाली तीज के पर्व का मजा दोगुना कर दिया। रुक-रुककर हो रही बारिश और मौसम का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। रविवार होने के कारण स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ नौकरीपेशा लोग भी छुट्टी पर रहे। ऐसे में लोगों ने पार्कों में पहुंचकर मौसम का आनंद उठाया। तापमान में आठ डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान पारा लुढ़ककर 18.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान जिले के सभी हिस्सों में बारिश हुई। बारिश से जहां लोगों को राहत मिली, वहीं प्रशासनिक लापरवाही के कारण परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। इस दौरान शहर की निचली कॉलोनियों के सीवरेज ओवरफ्लो हो गए। कई कॉलोनियों में पानी भरा, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण पानी भी उतर गया। पानी उतरने के बाद फैली गंदगी साफ करने में लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
यहां हुई इतनी बारिश
रविवार को जिले के सभी क्षेत्रों में बारिश हुई। कहीं पर सुबह तो कहीं दोपहर तो कहीं शाम को बारिश हुई। इस दौरान 24 घंटे में यमुनानगर-जगाधरी में करीब 35 एमएम बारिश हुई। जबकि बिलासपुर में 15 एमएम, छछरौली में 12 और प्रतापनगर में 13 एमएम बारिश हुई। वहीं सरस्वतीनगर में 18 और साढौरा में 30 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश रादौर में हुई। यहां पर कुल 40 एमएम बारिश हुई।
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बारिश से तालाब बनीं गलियां, लोगों को हुई परेशानी
रादौर। क्षेत्र में भारी बारिश से अनाज मंडी रोड, कॉलेज रोड पर नाले जाम होने व निकासी न होने से पानी जमा हो गया। इस दौरान अनाजमंडी रोड व कॉलेज रोड पर बारिश का पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को यहां से गुजरने में मशक्कत करनी पड़ी। पानी घुसने से दोपहिया वाहन बंद होने से चालकों को पैदल वाहन खींचने पड़े। क्षेत्रवासी निवासी मंगतराम, रोहताश, कमलेश, अनुज ने बताया कि नगरपालिका की ओर से नाले की सफाई पूरी तरह से नहीं की गई। जिससे कुछ देर की बारिश से नाला ओवरफ्लो हो जाता है और पानी सड़क पर बहने लगता है। निकासी का कोई प्रबंध न होने से पानी सड़कों पर जमा रहता है। वहीं एसके रोड पर निकासी न होने से सड़कों पर बारिश का पानी जमा हुआ है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ है। जिसका राहगीरों का पता नहीं चलता है। इससे लोग गिर कर चोटिल हो रहे हैं।
दूसरी तरफ बारिश से किसानों को विशेष लाभ मिला है। किसानों को धान की रोपाई व सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता थी। बारिश का पानी फसलों के लिए अमृत समान है। धान के अलावा गन्ने, चेरी इत्यादि फसलों को इससे लाभ होगा।
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