संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मौसम विभाग अनुसार इसी सप्ताह में प्रदेश में मानसून आ जाएगा। ऐसे में शहर में जलभराव होना तय है, चूंकि जल निकासी के प्रबंध अधूरे हैं। बड़े नालों की सफाई के दूसरे चरण अब तक पूरा नहीं है। बड़े नालों सहित छोटे नाले गंदगी से भरे पड़े हैं, वहीं सीवरेज लाइनें भी जगह-जगह जाम हैं। कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी तक सबसे बड़ी स्टॉर्म ड्रेन का काम भी अधर में लटका है।
शहर के जल निकासी प्रबंधों की हकीकत मंगलवार व बुधवार की बारिश में बयां हो चुकी है। इसमें न सिर्फ निचले इलाके बल्कि मॉडल टाउन से सटे शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी में भी दो-ढाई फीट जलभराव हुआ। यही मुसीबत मानसून में लगातार बारिश होने पर बढ़ सकती है। शहर में 58 किलोमीटर लंबाई के 61 बड़े नालों की सफाई नगर निगम मई से 72 लाख रुपये के ठेके में एजेंसी से करवा रहा है। इस काम का दूसरा चरण अभी भी पूरा नहीं हो पाया है।
रही कसर दो दिन बारिश में पूरी हो गई, जिसमें जलभराव के बाद गलियों-सड़कों से कचरा व अन्य गंदगी भी नालों में चली गई। ऐसे ही छोटे नालों भी गंदगी से भरे पड़े हैं। जगाधरी के श्री गौरी-शंकर मंदिर, रामलीला भवन, दुर्गा गार्डन, सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, पुराना हमीदा सहित कई जगह नाले गंदगी से अटे हैं। कई कॉलोनियों में सीवरेज की पाइप लाइनें मुख्य मार्ग के साथ लिंक गलियों में जाम हैं।
लापरवाही बढ़ाएगी लोगों की दिक्कत
आजाद नगर के सोम प्रकाश, विजय कॉलोनी के विकास जैन, टैगोर गार्डन के राहुल भान ने कहा कि सबसे बड़ी स्टॉर्म ड्रेन पांच वर्षों में पूरी नहीं बन पाई है। बड़े-छोटे नाले व सीवरेज भी जाम हैं। निचले इलाकों में जलभराव होने पर निकासी के लिए पंप सेट भी नहीं पहुंचाए गए हैं। यह लापरवाही मानसून की बारिश में जलभराव की दिक्कत बढ़ाएगी। संबंधित अफसरों को सीवरेज-नाले साफ व ड्रेन का काम पूरा कराना चाहिए।
दो दिन की बारिश में जहां-जहां जलभराव हुआ, उन स्थानों पर जलनिकासी के स्थाई प्रबंध के निर्देश दिए हैं। नालों की सफाई व जलनिकासी के अन्य काम भी पूरे करने के निर्देश निगम के अधिकारियों को दिए गए हैं। - सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम यमुनानगर जगाधरी।