जगाधरी। एक दिन की राहत बाद मंगलवार मध्यरात्रि रात दो बजे से बुधवार दोपहर 12 बजे तक लगातार बारिश के कारण शहर एक बार फिर डूब गया। सुबह लोग उठे तो उन्हें गलियों से घरों के आंगन तक पानी ही पानी नजर आया। जगाधरी में सबसे ज्यादा बुरा हाल है।
रेलवे रोड पर भरा पानी शनिवार से उतर ही नहीं पाया है। मंगलवार को कुछ राहत रही, लेकिन रात की मूसलाधार बारिश में फिर शहर की गलियां व सड़कें जलमग्न हो गईं। भारी बारिश व जलभराव के कारण जगाधरी का रेलवे रोड बाजार, स्कूल रोड बाजार, देवी भवन बाजार की अधिकतर दुकानें पांच दिन से दुकानें बंद हैं। जलभराव से घरों व दुकानों में रखा सामान पानी में भीगने से खराब हो गया है। किराना दुकान के मालिक सुभाष ने बताया कि बारिश के कारण दुकान में पानी भर गया है, लेकिन दुकान खोलने की उसमें हिम्मत नहीं है।
दस घंटे में हुई 45 एमएम बारिश
मंगलवार अलसुबह करीब दो बजे बारिश शुरू हुई, जो दोपहर 12 बजे तक लगातार जारी रही। सुबह लोग उठे तो गलियों से घर के आंगन तक पानी भरा हुआ था। इस दौरान शहर में करीब 45 एमएम बारिश हुई। रिकॉर्ड के अनुसार बुधवार सुबह 8 बजे तक जिले में औसतन 45 एमएम बारिश दर्ज की गई जबकि दोपहर 12 बजे तक यह 51 एमएम तक पहुंच गई। इस दौरान जगाधरी में 45 एमएम, बिलासपुर में 65, रादौर में 18 एमएम, छछरौली में 85 एमएम, साढौरा में 12 एमएम, सरस्वतीनगर में 30 एमएम, प्रतापनगर में 74 एमएम बारिश दर्ज की गई। औसतन करीब 50 एमएम बारिश होने का अनुमान है।
वर्जन
शनिवार से लगातार बारिश हो रही है। जिस कारण गंभीर स्थिति बन गई है। निकासी को लेकर नगर निगम गंभीर है। बारिश में भी कर्मचारियों ने फील्ड में जाकर काम किया है। हालात गंभीर हैं, लेकिन इस पर नियंत्रण भी पा लिया गया है। जहां जलभराव हुआ है, वहां भी स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी।
आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।