संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में मंगलवार की आधी रात को खूब पानी बरसा। साढौरा को छोड़कर अन्य सभी कस्बों में अच्छी बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश रादौर में 94 मिमी और सबसे कम साढौरा में मात्र 15 मिमी बारिश हुई। जोरदार बारिश होने के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया।
हालांकि रात को बारिश होने लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। क्योंकि रात को सोए हुए थे। बुधवार सुबह जब तक लोग उठे तो ज्यादातर जगहों से पानी निकल चुका था। कुछ जगहों पर थोड़ा बहुत पानी दोपहर तक भी जमा रहा। रातभर हुई बारिश से किसानों के खेत एक बार फिर पानी से लबालब हो गए। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई है।
कई दिनों से लोग गर्मी व उमस से बेहाल थे। चिपचिपी गर्मी के चलते लोगों का कहीं भी उठना बैठना मुहाल हो गया था। उमस से कुछ ही देर में शरीर पसीना-पसीना हो रहा था। मंगलवार शाम से ही बारिश होने के आसार थे। रात तक आसमान में बिजली भी चमकती रही। रात को साढ़े 11 बजे बारिश शुरू हुई। इस दौरान कुछ देर तेज हवाएं भी चली, जिसने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई।
वहीं बुधवार सुबह आठ बजे तक बारिश होती रही। आसमान में काले बादल छाने से मौसम सुहावना रहा। दोपहर एक बजे के बाद मौसम ने फिर से करवट ली और तेज धूप निकलने लगी। रात को ही तेज बारिश से शहर के नाले भी पानी से ओवरफ्लो हो गए। जगाधरी की छोटी लाइन, टाउन हॉल, अंबाला मार्ग पर सड़क किनारे पानी ही पानी हो गया।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा
पहाड़ी क्षेत्र व कैचमेंट एरिया में हुई बारिश के बाद यमुना नदी में भी जलस्तर बढ़ गया। हथिनीकुंड बैराज पर बुधवार रात दो बजे 57825 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इसमें से 35505 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। सुबह 11 बजे तक बैराज पर पानी 83712 क्यूसेक हो गया। इसमें से यमुना नदी में 65392 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं बैराज से पश्चिमी यमुना नहर में 16510 क्यूसेक व यूपी की पूर्वी यमुना नहर में 1810 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम चार बजे पानी का जलस्तर घट कर 77288 क्यूसेक पर आ गया। इसमें यमुना नदी में 48278 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बूढेड़ी गांव के लोगों की बढ़ी परेशानी
जगाधरी-बिलासपुर स्टेट हाईवे स्थित गांव बूढेड़ी के लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। पिछले दिनों पांच दिन तक जो तेज बारिश हुई थी तब से लेकर आज तक गांव की सड़क पानी में डूबी हुई है। मंगलवार को सड़क से पानी कुछ कम हुआ था, लेकिन रात में बारिश होने से बुधवार को एक बार फिर सड़क पर पानी जमा हो गया। लोग इसी पानी से होकर जाने को मजबूर हैं। यहां तक की छोटे-छोटे बच्चों को भी गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जिससे उनकी वर्दी भी रोजाना खराब हो रही है।