पहाड़ों पर हो रही बारिश से मंगलवार को यमुना नदी का जलस्तर 52 हजार क्यूसिक तक पहुंच गया। हालांकि यह स्तर बाढ़ के निशान से नीचे है।
पहाड़ों पर बारिश जारी रहने से जिला प्रशासन यमुना नदी के जलस्तर पर नजर रखे हुए है।
सिंचाई विभाग के मुताबिक हथिनीकुंड बैराज पर मंगलवार सुबह जलस्तर 52106 क्यूसिक दर्ज किया गया।
दस बजे तक जलस्तर घटकर 47254 क्यूसिक पर पहुंच गया। वही शाम पांच बजे जलस्तर 46181 क्यूसिक रिकार्ड किया गया।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ा। हालांकि जलस्तर बाढ़ के निशान तक नहीं पहुंचा।
गौरतलब है कि हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर 70 हजार क्यूसिक के पार पहुंचने पर इसे बाढ़ माना जाता है।
इस स्तर से अधिक पानी होने पर बैराज से हरियाणा की पश्चिमी यमुना नहर और उत्तर प्रदेश की पूर्वी यमुना नहर में पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाती है और सारा पानी यमुना नदी में बहने लगता है।
इस सीजन में कमजोर मानसून के चलते यमुना का जलस्तर एक-दो बार ही बाढ़ के स्तर तक पहुंचा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन यमुना नदी के जलस्तर पर पल-पल नजर रख रहा है।
जगाधरी में हुई 59 एमएएम बारिश
कृषि विभाग के मुताबिक सोमवार को सुबह आठ बजे के बाद जिले में औसत 47 मिलीमीटर बारिश हुई। सुबह आठ बजे के बाद जगाधरी में 59 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। वहीं छछरौली में 28 एमएम, बिलासपुर में 12 एमएम और साढौरा में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई।