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डीसी ने गड्ढा खुदवाया, उत्तर-दक्षिण दिशा से बहने लगा पानी

Fri, 05 Feb 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
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अंबाला मंडल की आयुक्त नीलम प्रदीप कासनी ने बिलासपुर खंड की पंचायत भील छप्पर के गांव आम्बवाला के पास मनरेगा परियोजना के तहत चल रही सरस्वती नदी की खुदाई का निरीक्षण किया। इस दौरान डीसी डा. एसएस फूलिया ने मौके पर सरस्वती नदी में गड्ढा खुदवाया, जिससे पानी उत्तर-दक्षिण दिशा से बहने लगा।

उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल 2015 को जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा परियोजना के तहत इस नदी की खुदाई का कार्य रूहलाहेड़ी से शुरू करवाया गया था। आज सभी की मेहनत के फलस्वरूप नदी का अस्तित्व उभरने लगा है। सरस्वती नदी यमुनानगर जिले मेें 47 गांवों से होकर निकलती है। उन्होंने बताया कि सेटेलाइट के माध्यम से सरस्वती नदी के छाया रूप को हकीकत में बदल दिया गया है।
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आदि बद्री को सरस्वती नदी को उद्गम स्थल माना गया था। अब इस क्षेत्र को एक बड़े टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सदियों से राजस्व रिकार्ड में सरस्वती नदी का अस्तित्व रहा है। इसके अलावा भारतीय संस्कृति में गंगा, यमुना, सरस्वती की तीन महत्वपूर्ण नदियों का जिक्र था उसमें से आज विलुप्त हुई सरस्वती नदी धरा पर उतर आई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरस्वती नदी के पुन: उत्थान का बीड़ा उठाया था और अब उसी दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं। मौके पर एसडीएम बिलासपुर गिरीश कुमार, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, बिलासपुर के तहसीलदार सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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सात फीट पर मिल रहा है पानी का बहाव:  
यमुनानगर के आदिबद्री से पांच किलोमीटर की दूरी पर मुगलवाली गांव में सरस्वती नदी की खुदाई में प्रशासन को बड़ी सफलता हाथ लगी थी। सरस्वती नदी खुदाई करने वाले सलमा और रफीक के फावडे़ से सात फुट पर पानी सरस्वती नदी से फुट पड़ा था। इतनी कम गहराई पर नीली बजरी व चमकदार रेत और खनिज के मिश्रण वाला पानी हू-ब-हू नदियों में बहने वाले पानी के समान ही था। उसके बाद एक-एक करके मजदूरों ने 8 से 10 खड्डे खोदे थे, जहां हर बार 9-10 फुट पर  समान अनुपात में पानी फूट पड़ा था। इसी प्रकार बीती 14 दिसंबर को सरस्वती नदी की खुदाई के दौरान बिलासपुर खंड की पंचायत भील छप्पर के गांव आम्बवाला के पास सरस्वती नदी में सात फूट की खुदाई के दौरान उतर-दक्षिण दिशा से तेज बहाव के साथ पानी निकल रहा है जिसमें चमकदार रेत और खनिज के मिश्रण और सीप भी निकले हैं।  

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