संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी बस अड्डे पर पीने के पानी की सही व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को गंदा पानी पीना पड़ रहा था। वहीं यहां हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षु भी दूषित पानी पीने से बीमार हो गए थे। इस समस्या का समाचार रविवार को प्रमुखता से प्रकाशित होने के वाटर की कूलर की सर्विस कराई गई।
रोडवेज अधिकारियों की ओर से वाटर कूलर में जमी काई को भी साफ कराया गया। इसके बाद सोमवार से बस अड्डे पर आने वाले यात्रियों और प्रशिक्षुओं को साफ पानी मिलना शुरू हो गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम पानी का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। प्रशिक्षुओं का आरोप था कि बस स्टैंड परिसर में लगे वाटर कूलर से गंदा और दूषित पानी आ रहा है।
उन्होंने शुक्रवार को कूलर का टैंक उठाकर देखने पर पानी में कीड़े तैरते मिले थे। टैंक में काई जमा होने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद प्रशिक्षुओं ने लोगों को कूलर का पानी पीने से रोकने के लिए टोंटी पर पॉलिथीन लगाने का प्रयास किया और पानी नहीं पीने संबंधी पर्चा भी चस्पा किया था।
कई बार बस स्टैंड के कर्मचारियों और अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके थे, लेकिन समाधान नहीं हुआ। प्रशिक्षुओं ने आरोप लगाया था कि बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों और प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को कैंटीन से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।
जगाधरी बस स्टैंड प्रबंधक संदीप सिंह ने बताया कि पीने के पानी की समस्या की जानकारी उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा दी गई थी। वाटर कूलर को ठीक कराने के साथ पानी का टीडीएस भी जांचा गया, जो ठीक पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पानी का नमूना लेकर गई है। वाटर कूलर के आसपास सफाई करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि यात्रियों को पीने के पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बस स्टैंड परिसर में एक और वाटर कूलर लगाने की मांग भी भेजी गई है।
जगाधरी बस स्टैंड में वाटर कूलर के पास कराई गई सफाई। संवाद- फोटो : 1
जगाधरी बस स्टैंड में वाटर कूलर के पास कराई गई सफाई। संवाद- फोटो : 1