यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में बेड शीट व अन्य चादरें धोने के लिए खरीदी गई नई वाशिंग मशीन एक माह में ही खराब हो गई। यह मशीन अस्पताल की तरफ से जैम पोर्टल से खरीदी गई थी। सरकारी विभागों के लिए ज्यादातर सामान की खरीद इसी पोर्टल से होती है। हालांकि मशीन अभी वारंटी में है, फिर भी एक माह में इस मशीन का खराब हो जाना इसकी गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाता है। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने मशीन के खराब होने की शिकायत पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला से की है। जिसके बाद मशीन सप्लाई करने वाली एजेंसी से संपर्क कर इसे ठीक कराने की कवायद शुरू हो गई।
वहीं इस मशीन को खरीदते समय यह भी दावा किया गया था कि इसमें पुरानी मशीन से ज्यादा बेड शीट की धुलाई होगी। परंतु नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि पुरानी मशीन में एक समय में जहां सात बेड शीट की धुलाई होती थी। नई मशीन में केवल पांच बेड शीट ही एक बार में धुल रही हैं। इससे काम आसान होने के बजाय और ज्यादा बढ़ गया है। जबकि इस मशीन को खरीदने का मकसद केवल यही था कि ज्यादा बेड शीट एक साथ धुलने से काम आसान हो जाएगा। इसमें ज्यादा चादर तो नहीं धुल पा रही, उल्टा एक माह में ही यह खराब भी हो गई। पहले अस्पताल में जो मशीन थी वह पुरानी हो चुकी थी।
ठीक से सफाई न होने से कई बार मरीज भी इन्हें बेड पर बिछवाने में आनाकानी करते थे। ऐसे में मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के लिए नई वाशिंग मशीन खरीदी गई। इस मशीन को करीब साढ़े 12 लाख रुपये से खरीदा गया है। इस मशीन की एक बार में वाशिंग क्षमता 60 किलोग्राम है। धोने के बाद यह शीट को सूखा भी सकती है। पहले बेड शीट को धूप में सुखाना पड़ता था। अब सर्दी का मौसम है तो इस मशीन का काफी फायदा होता। परंतु उससे पहले ही यह खराब हो गई। जिला नागरिक अस्पताल में अब 200 बेड का हो गया है। 105 करोड़ रुपये से अस्पताल का नया भवन बनाया गया है।
मशीन अभी वारंटी में है: दिव्या मंगला
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ की तरफ से बताया गया है कि वाशिंग मशीन में कुछ खराबी आ गई है। यह मशीन अभी वारंटी में है। मशीन सप्लाई करने वाली एजेंसी को इसके बारे में अवगत करवा चुके हैं।