छोटी से दुकान से खड़ा कर दिया काला साम्राज्य
यमुनानगर। एक दशक पहले नरेश वर्मा उर्फ काला कबाड़ी की छोटी सी दुकान थी। कॉलोनी के लोग उसे सरनेम काला के नाम से ज्यादा बुलाते थे, इसलिए कबाड़ी का काम करने से उसका नाम काला कबाड़ी पड़ गया। यह नाम लोगों की जुबां पर ऐसे चढ़ा कि शहर में दूर-दूर तक उसे इस नाम से जाना जाने लगा। धीरे-धीरे उसने इतना बड़ा साम्राज्य कैसे बना लिया, लोगों को पता भी नहीं चला। वर्षों बाद पुलिस को उसके काले कारनामे की जानकारी हुई।
कार्रवाई देख बेटे संग रो पड़ी काला कबाड़ी की पत्नी
जिस वक्त नरेश वर्मा उर्फ काला कबाड़ी की प्रापर्टी पर बुलडोजर से कार्रवाई हो रही थी। उस दौरान उसकी पत्नी अंजना वर्मा अपने बेटे के साथ वहीं पर थी। प्रशासन की इस कार्रवाई को देखकर वह रो रही थी। उसने जिस मामले में पुलिस को शिकायत दी थी उसे इसका अंदाजा नहीं था इसकी आंच उसके खुद के घर तक भी पहुंच जाएगी। वह शिकायत देकर केवल अपने पति को सुधारना चाहती थी। इसलिए इस कार्रवाई को देखकर उसकी आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे।
काला कबाड़ी की पत्नी अंजना ने यह दी थी शिकायत
पुलिस को दी शिकायत में अंजना वर्मा ने बताया कि पति नरेश उर्फ काला कबाड़ी और उसके साथी सोनू तथा बलवंत राय वर्मा लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर गलत काम करने के लिए अन्य जगहों पर सप्लाई करते हैं। इस काम में और भी कई लोग शामिल हैं। इनमें अजय, दीप अंकित, सोनू, पपुआ, अजय का भी नाम है। ये सब शराब अफीम, गांजा, स्मैक, हथियारों आदि की सप्लाई करते हैं। इसके अलावा गरीब लोगों को अधिक ब्याज पर पैसे देते हैं और जो पैसे नहीं लौटा पाते उनके साथ मारपीट की जाती है।
अंजना ने बताया कि एक दिन उसने अवैध हथियारों को देखा था, तब आरोपी सोनू ने उसके साथ मारपीट कर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। अंजना के मुताबिक उसका पति नरेश उसे कोई खर्चा नहीं देता था। एक दिन वह अपने बच्चों को लेकर पीजी में पति नरेश के पास जाकर खर्च के लिए पैसे मांगे तो उसने फायरिंग कर दी, इस गोली के निशान अभी भी कमरे की छत पर बने हुए हैं। इसके बाद वह जान बचाकर वहां से बच्चों को लेकर भाग निकली। इसके बाद उसने एसपी गंगाराम पूनिया को इस संबंध में शिकायत दी थी।