संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शंभू स्टेशन पर किसान आंदोलन के चलते अंबाला मंडल से गुजरने वाली करीब 200 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। जिसके चलते मंडल से गुजरने वाली 181 ट्रेनें पूर्ण व आंशिक रूप से रद्द की गई हैं। अन्य गाड़ियों का रूट बदल दिया गया है। रूट बदल कर चलने वाली ट्रेनें भी इससे प्रभावित हुई है। ट्रेनों के इंतजार में स्टेशन पर यात्रियों की सुबह से शाम हो जा रही है।
दूसरे रूट से आ रही गाड़ियां अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को रही है। कई यात्री ऐसे हैं कि अव्यवस्था के कारण उनकी आरक्षित टिकट रद्द हो गए हैं। अन्य ट्रेनों में चढ़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। दूसरे रूट से आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से स्टेशन पर पहुंच रही है। ऐसे में यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ रहा है। यमुनानगर-जगाधरी स्टेशन पर यह इंतजार यात्रियों को और भी ज्यादा खल रहा है।
चूंकि स्टेशन पर नवीनीकरण कार्य चल रहा है, जिसके चलते यहां पर अभी सुविधाओं का अभाव है। वेटिंग रूम न होने के कारण यात्रियों को घंटों प्लेटफार्म पर ही बैठना पड़ा है। जिससे उनकी परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है। बता दें कि रूट बदलने के कारण सभी गाड़ियां अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। इस दौरान जम्मूतवी कोलकाता एक्सप्रेस आठ घंटे, फिरोजपुर एक्सप्रेस 15 घंटे, गोवाहटी एक्सप्रेस 13 घंटे, गोल्डन टेंपल मेल पांच घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस चार घंटे देरी से चल रही हैं।
शाम तक करते रहे इंतजार
सुखलाल ने बताया कि उन्हें अलीपुरद्वार जाना है। जिसके लिए वे वह सुबह चार बजे जम्मूतवी गोवाहटी एक्सप्रेस पकड़ने आए थे। परंतु शाम साढ़े चार बजे तक स्टेशन पर ही ट्रेन के इंतजार में बैठे रहे। परंतु स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधा नहीं है। वेटिंग रूम न होने के कारण तड़के से महिलाओं को लेकर वे प्लेटफार्म पर बैठे हैं।
पीने के लिए नहीं पानी
पंकज शर्मा ने कहा कि वे परिवार के साथ कामाख्या जा रहे हैं। ट्रेन काफी देरी से चल रही है। दस घंटे से स्टेशन पर ही बैठे ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। दूर से आने के कारण वे वापस भी नहीं जा सकते हैं। बच्चे और महिलाएं उनके साथ हैं। गर्मी के कारण प्यास बढ़ गई है, लेकिन स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक व प्रतीक्षालय में पीने का पानी नहीं है। सुबह से वे कई बोतल पानी खरीद चुके हैं।
नहीं मिल रही सटीक जानकारी
रमेश कुमार ने बताया कि ट्रेन देरी से चल रह हैं, लेकिन इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। मोबाइल पर एप से ट्रेन की जानकारी लेकर वे पहुंचे थे। एप पर ट्रेन निर्धारित समय पर बता रही थी, लेकिन चार बजे से दो बज गए, लेकिन ट्रेन नहीं आई। ट्रेनें रूट बदलकर चलाई जा रही हैं, लेकिन लोगों को इससे और भी ज्यादा परेशानी हो रही है।
शौचालय की भी भारी दिक्कत
अमरेश ने बताया कि गोवाहटी जाने के लिए वे स्टेशन पर आए थे। परंतु यहां आकर वह फंस गए। ट्रेन समय पर चली लेकिन पहुंचते हुए 12 घंटे से ज्यादा लेट हो गई। परिवार को लेकर वे स्टेशन पर ही पड़े रहने को मजबूर हो गए। वेटिंग रूम नहीं और न ही पास शौचालय महिलाओं और बच्चों के साथ वे काफी परेशान रहे।