संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। एक जुलाई से हरियाणा में ग्रामीण विकास कार्यों के संचालन में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत करवाए जाने वाले विकास कार्य वीबीजीरामजी के माध्यम से संचालित होंगे। जिले में भी इस नई व्यवस्था से ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी आने के साथ हजारों श्रमिकों को अधिक मजदूरी और पहले से ज्यादा दिनों तक रोजगार मिलने की उम्मीद है।
जिले में वीबीजीरामजी के तहत कुल 13,874 श्रमिक पंजीकृत हैं। जिले के विभिन्न गांवों में मनरेगा के तहत जोहड़ों का निर्माण एवं सुंदरीकरण, पार्कों का विकास, खेतों तक जाने वाले कच्चे रास्तों का निर्माण, वर्षा जल निकासी, जल संरक्षण, पौधरोपण, अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों निर्माण इत्यादि कार्य नियमित रूप से करवाए जाते रहे हैं।
अब वीबीजीरामजी लागू होने के बाद इन कार्यों का दायरा और गति दोनों बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में मनरेगा के तहत अकुशल श्रमिकों को प्रतिदिन करीब 375 रुपये की मजदूरी मिल रही थी। नई व्यवस्था के तहत वीबीजीरामजी में मजदूरी बढ़ाकर करीब 400 रुपये या उससे अधिक प्रतिदिन किए जाने का प्रावधान है।
हालांकि इस वर्ष जुलाई में मजदूरी दरों में प्रस्तावित संशोधन लागू नहीं होने से फिलहाल श्रमिकों को लगभग 400 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा पहले पात्र परिवारों को वर्ष में 100 दिन तक रोजगार की गारंटी थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन तक कर दिया गया है।
खंडवार मजदूरों की संख्या
खंड
मजदूर
सरस्वती नगर
1765
जगाधरी 2275
छछरोली
1394
रादाैर
1483
बिलासपुर
3733
सढाैरा
1815
प्रतापनगर
1409