संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जैसे जैसे लोकसभा चुनाव में मतदान का समय करीब आ रहा हैं, वैसे ही लोगों में सांसद किसे बनाए को लेकर चर्चाएं खूब हो रही हैं। हालांकि कई मतदाताओं ने पहले से ही मन बना लिया है वे किसे वोट डालेंगे, लेकिन बहुत लोग ऐसे हैं जो दूसरों के भ्रम में आकर सही और गलत की पहचान करना भूल गए हैं। लोगों का यह भी कहना है वोट किसी को भी डालें, लेकिन सांसद उसे ही बनाए जो सबके अधिकारों का ख्याल रखने वाला हो और एक-दूसरे के सुख दुख में साथ खड़ा हो।
सुशील कुमार ने कहा कि सांसद बनने की दौड़ में जो भी प्रत्याशी हैं, उनमें साफ छवि व अपने काम के प्रति जिम्मेदार होने का गुण सबसे जरूरी है। यह दो गुण जिस व्यक्ति में हों, वह अपने लक्ष्य में जरूर सफलता पाता है। सांसद की संसदीय क्षेत्र व देश के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए ये गुण देखकर ही वोट देंगे।
मुकेश कुमार ने कहा कि जीत के बाद सांसद दिखाई नहीं देते और जनता का धन्यवाद भी व्हाटसअप और रिकाड़िड मैसेज के जरिये धन्यवाद करते हैं। सांसद को स्थानीय समस्याओं पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि स्थानीय समस्याओं से बड़ी आबादी प्रभावित होती है, इसलिए सांसद को स्थानीय समस्याएं दूर करानी चाहिए।
संजू पंडित ने कहा कि सांसद पर देश के कानून व नीतियां बनाने व लागू कराने की जिम्मेदारी होती है। इसलिए इस पद के लिए पढ़ा-लिखा व कानून की समझ रखने वाले प्रत्याशी को चुना जाना चाहिए। यही गुण देखकर इस बार के लोकसभा चुनाव में खड़े प्रत्याशियों में किसी एक को सांसद बनाने के लिए वोट देंगे।
राहुल मित्तल ने कहा कि सांसद बनने के बाद सरकारी मशीनरी से सही तरीके से काम लेना भी आना चाहिए। ऐसा न होने से अफसरशाही हावी हो सकती है। इसलिए सांसद बनने वाले प्रत्याशी को कौन सा कार्य किस तरह सरकारी विभागों द्वारा कराया जा सकता है, यह समझ व परख होनी चाहिए। ये गुण देखकर वोट देंगे।