संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। क्षेत्र में बाढ़ के पानी से मची तबाही का मंजर देखने के लिए डीसी पार्थ गुप्ता सोमवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान चिंतपुर गांव में ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और अपना दुखड़ा सुनाया। ग्रामीणों ने डीसी को अपनी समस्याएं बताई ओर बाढ़ बचाव कार्यों में बरती गई ढिलाई के बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
ग्रामीण बोले, डीसी साहब यदि पहले ही इंतजाम किए होते तो इस तरह के हालात न बनते। अब आप ही बताएं हम कहां जाएं। कहां रखे अपना समान। अभी बारिश और होगी, ऐसे में फिर से बाढ़ के हालात बन जाएंगे। ग्रामीण बोले, डीसी साहब जिस स्थिति में हम रह रहे, ऐसे हालातों में एक भी अफसर यहां नहीं रह सकता।
उधर, हालांकि चिंतपुर गांव में बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ, लेकिन तबाही का मंजर हर तरफ दिखाई दे रहा है। पानी लोगों के घरों में घुस जाने से घर का राशन खराब हो गया। ऐसे में अपने रिश्तेदारों के यहां से राशन को मंगवाना पड़ रहा है। करीब 200 एकड़ से ज्यादा फसलें पानी में डूब गई। गलियों में पानी अभी भी जमा है।
इन पूरे हालात का ग्रामीणों ने पूरा ठीकरा प्रशासनिक अधिकारियों के सिर फोड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बाढ़ बचाव के कार्य नहीं किए जाते करोड़ों रुपए हर साल पानी की भेंट चढ़ जाते हैं, लेकिन जैसे ही लोगों का नुकसान होता है अधिकारी मौके का मुआयना करने पहुंच जाते हैं।
मैं लोगों का दुख समझ सकता हूं : पार्थ गुप्ता
उधर डीसी पार्थ गुप्ता ने कहा कि मैंने गांव में जाकर लोगों का दुख समझा है। पिछले दो दिन से बारिश हुई है। कई जगह ग्रामीण इलाकों के हालात जरूर बिगड़े हैं, लेकिन स्थिति कंट्रोल में है हमारे अफसर कल से हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। कुछ इलाकों में जलभराव जरूर हुआ, लेकिन आज हालात सामान्य है।
घर में पानी न घुसे इसके लिए घर के दरवाजे पर ब्लॉक लगाता परिवार। संवाद
घर में पानी न घुसे इसके लिए घर के दरवाजे पर ब्लॉक लगाता परिवार। संवाद
घर में पानी न घुसे इसके लिए घर के दरवाजे पर ब्लॉक लगाता परिवार। संवाद
घर में पानी न घुसे इसके लिए घर के दरवाजे पर ब्लॉक लगाता परिवार। संवाद
घर में पानी न घुसे इसके लिए घर के दरवाजे पर ब्लॉक लगाता परिवार। संवाद