संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। गांव में श्मशान भूमि सुधार के लिए राटौली वासी मंगलवार को डीसी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीसी को ज्ञापन देकर सुधार की मांग की। इसके अलावा अन्य समस्याएं बताकर निवारण कराने की गुहार लगाया।
ज्ञापन में लोगों ने कहा कि उनकी गांव की आबादी करीब 1600 है। गांव की श्मशान भूमि के लिए काफी समय से ग्रांट आई हुई है। परंतु इसका प्रयोग नहीं किया जा रहा है। यहां पर मूल सुविधाएं तक नहीं है। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बोबी कुमार, जोगिंद्र सिंह, कर्णदीप सिंह, गुरदीप सिंह, भूपिंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम के अधीन होने के बावजूद उनके गांव का विकास नहीं हो पा रहा है। श्मशान भूमि की एक तरफ से दीवार बनी हुई है, दो तरफ की दीवार का निर्माण करवाया जाना है। वहीं यहां पर बिजली की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
श्मशान भूमि में तीन पोल, पानी की टंकी, बैठने के लिए बेंच और मुख्य गेट लगाने की सख्त जरूरत है। इसके लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। करीब 15 दिन पहले यहां पर ईंटो की ट्रॉली मंगवाई थी, लेकिन फिर अचानक ईंटे हटवा दी गई। वहीं लोगों ने कहा कि गांव के पास नाला है। बरसात में नाला ओवरफ्लो हो जाता है। जिससे गांव की गलियों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। एक तरफ जहां गलियों से निकलना मुश्किल हो जाता है, वहीं पानी घरों में मार करने लगता है। गांव में सीवर लाइन बिछाने की जरूरत है, जिसकी मांग कई सालों से की जा रही है।
इसके अलावा उनके गांव में पार्क का निर्माण करवाया जाए। जिससे गांव के बच्चे, बुजुर्ग, किशोर व महिलाएं वहां सैर कर सकें। वहीं उन्होंने कांसापुर रोड के पास तीव्र मोड़ पर दुर्घटनाएं रोकने के प्रबंध करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण यह मांगें कई सालों से कर रहे हैं और कई बार ज्ञापन व शिकायतें दे चुके हैं। परंतु समस्या का समाधान किया हुआ है। इस बार नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि गांव की समस्याओं की सटीक जानकारी के लिए अधिकारियों को भेजा जाएगा। समस्याओं के तुरंत समाधान के प्रावधान किए जाएंगे। लोगों को जल्द परेशानियों से निजात दिलवाया जाएगा। ग्रांट जारी होने के बारे और इसका प्रयोग न किए जाने के कारणों का भी पता किया जाएगा।