संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की 71 कॉलोनियों से अवैध का टैग हटाकर भले उन्हें वैध का ताज पहना दिया गया। इसके बाद भी यहां के लोग जमीन बेचने-खरीदने के लिए मोहताज हैं। इसकी वजह कॉलोनियां का डाटा अभी तक एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) पोर्टल पर नहीं अपलोड होना बताया जा रहा है। इस संबंध रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्कूल शिक्षामंत्री व मेयर को पत्र समाधान की गुहार लगाई है।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अंतर्गत अप्रैल में 35 और अगस्त में 36 कॉलोनियों को वैध घोषित किया गया था। उम्मीद थी कि अभी तक अवैध होने के कारण इन कॉलोनियों में जो मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलीं और विकास कार्य नहीं हो पाए, वह सब वैध होने की घोषणा के बाद सिरे चढ़ेंगे। इसके विपरीत हालात ये हैं कि अभी तक इन कॉलोनियों में लोग चाहकर भी जमीन खरीद और बेच नहीं पा रहे।
रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन के उप प्रधान मनोज पंजेटा ने बताया कि किसी भी जमीन की रजिस्ट्री के लिए एनडीसी जरूरी है, जो पोर्टल से जारी होता है।न इस साल वैध हुईं कॉलोनियों अभी तक एनडीसी पोर्टल पर नहीं दर्शाई जा सकी हैं। वहीं कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा को तीन से सात माह का समय हो चुका है। कॉलोनियों का डाटा एनडीसी पोर्टल पर अपडेट करने में देरी का नुकसान सरकार को भी राजस्व के रूप में हो रहा है।
एनडीसी पोर्टल पर कॉलोनियों का डाटा न होने से न तो यहां की जमीन कोई बेच पा रहा है और न कोई खरीद पा रहा है।ऐसा होने से सरकार को राजस्व मिलता, जिसका लगातार नुकसान हो रहा है। इस पर एसोसिएशन की ओर से स्कूल शिक्षामंत्री व मेयर पत्र भेजकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई गई है।
मामला संज्ञान में आया है। वैध हुईं कॉलोनियों का डाटा एनडीसी पोर्टल पर जल्द अपडेट करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। - मदन चौहान, मेयर, नगर निगम यमुनानगर जगाधरी।