फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: कपाल मोचन मेले से बर्तन व्यापारियों को अच्छे कारोबार की आस

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के बाद से बर्तन बाजार में चल रही मंदी इस बार कपालमोचन मेले से व्यापारियों को छंटने की उम्मीद है। जिसके लिए उद्यमी व कारोबारी पूरी तरह तैयार हैं। मेला 23 से लेकर 27 नवंबर तक चलेगा। मेले को बर्तन बाजार व कारोबारियों में भारी उत्साह है। कोरोना संक्रमण के बाद इस बार धनतेरस व दिवाली पर बर्तन उद्योग को अच्छा कारोबार मिला है। वहीं कपालमोचन मेले से भी व्यापारियों को करीब सात करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है। बता दें कि 2020 के बाद से बर्तन बाजार में मंदी चल रही थी। जिस कारण उद्यमियों व व्यापारियों में भारी निराशा थी। इस बार दिवाली पर अन्य सालों की अपेक्षा कारोबार बहुत अच्छा रहा। वहीं दिवाली की तरह कपालमोचन मेला भी अच्छा रहने की उम्मीद है। व्यापारियों को मानना है कि अन्य सालों की अपेक्षा इस बार श्रद्धालु ज्यादा आएंगे और खरीदारी भी जोरो पर होगी। बता दें कि जगाधरी में करीब 1000 सूक्ष्म, लघु और मध्यम धातु ईकाइयां हैं। जिसमें स्टेनलेस स्टील, एल्युमीनियम, पीतल और तांबे के बर्तन बनते हैं। यहां के बर्तन उद्योगों के लिए दिल्ली का सदर सबसे बड़ा बाजार है। व्यापार का 60 फीसदी हिस्सा सदर बाजार पर टिका हुआ है। वहीं दूसरा बड़ा कारोबार कपालमोचन मेले से होता है। चूंकि मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं और मान्यताओं के अनुसार यहां से बर्तन खरीद कर ले जाते हैं।
विज्ञापन



बिलासपुर के कपाल मोचन में कार्तिक पूर्णिमा पर हर साल पांच दिवसीय मेला लगता है। मेले में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों से श्रद्धालु स्नान व पूजा करने के लिए आते हैं। हर बार मेले में आठ से दस लाख श्रद्धालुओं के आते हैं। इस बार करीब 12 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मेले के दौरान कपालमोचन मेले में अन्य दुकानों के साथ बर्तनों की भी बड़े स्तर पर दुकानें लगती हैं। श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के बाद घर लौटते हैं, तो वह जगाधरी के बाजार से बर्तन खरीद कर ले जाते हैं। मान्यता है कि मेले से जाते समय बर्तन लेकर जाना बेहद शुभ होता है। इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालु हर साल मेले में और जगाधरी बाजार से जमकर खरीदारी करते हैं। उद्यमी एवं व्यवसायी अनिल अरोड़ा, सुभाष अरोड़ा, राकेश कुमार, देवेंद्र सिंह ने बताया कि मान्यता है कि मेले से किसी धातु का बर्तन खरीद कर ले जाना होता है, जिससे घर में सुख समृद्धि आती है। वहीं देवउठनी एकादशी से विवाह मुहूर्त भी खुल जाते हैं। यहीं बनने के कारण जगाधरी में बर्तन सस्ते मिलते हैं। ऐसे में लोग बच्चों की शादी इत्यादि के लिए भी बर्तन खरीद कर ले जाते हैं। उद्यमियों का कहना है कि कपालमोचन मेले से अकेले बर्तनों का पांच करोड़ रुपये का व्यापार होता है। इस बार यह सात से आठ करोड़ होने की उम्मीद है। श्रद्धालु चम्मच से लेकर बड़े टब, लौटा, परांत, बाल्टी, पतीली, कटोरी सेट, गिलास सेट, जग, डिनर सेट, प्लेट, प्रेशर कुकर सहित अन्य सामान लेकर जाते हैं। इससे दुकानदारों का सारा स्टॉक खत्म हो जाता है।






दी जगाधरी मैटल मेन्यूफैक्चरर्स एंड स्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदरलाल बतरा ने बताया कि उद्यमियों व व्यापारियों को दिवाली व कपालमोचन मेले से भारी उम्मीदें होती हैं। इस बार दिवाली अच्छी रही, वहीं मेले से भी अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। इससे कोरोना संक्रमण के बाद बाजार को इस बार मंदी से निजात मिलती दिखाई दे रही है।
विज्ञापन




बर्तन व्यवसायी सुभाष अरोड़ा ने बताया कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा बर्तन कारोबार काफी ठीक रहा। मेटल उद्योग कोरोना संक्रमण के बाद से मंदी झेल रहा है। इस बार बाजार में काफी उछाल देखने को मिला। वहीं मेले में दस लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। जिससे करीब सात से आठ करोड़ रुपये के कारोबार की आस है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें