संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के तत्वावधान में खंड व्यासपुर की ग्राम पंचायत भील छप्पर के राजकीय प्राइमरी विद्यालय में जल संरक्षण एवं जल की गुणवत्ता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला सलाहकार रजनी गोयल ने कहा कि जल अनमोल है। जल की एक-एक बूंद कीमती है। इसका समझदारी से प्रयोग करें।
उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संचयन करें, क्योंकि वर्षा का जल अमृत के समान होता है। उन्होंने जल संरक्षण के साथ-साथ विशेष रूप से साफ सफाई के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने बच्चों को बताया कि खाना खाने से पहले व शौच जाने के बाद साबुन से अपने हाथ अवश्य धोएं। पीने के पानी को ढक कर रखे, क्योंकि दूषित पानी से ही 80 प्रतिशत जल जनित बीमारी डायरिया, उल्टी, दस्त, हैजा होते हैं।
बारिश के मौसम में पीने के पानी संबंधित सतर्कता बहुत जरूरी है। पीने के पानी को खुला न छोड़े व कहीं भी अस्वच्छ कनेक्शन न रहने दे। कई बार देखा गया है कि पीने के पानी की पाइप नाली में पड़ी रहती हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पानी की पाइप नाली में न हो। पीने के पानी की पाइप नाली से ऊपर हो जिससे अगर पाइप में कोई लीकेज होगी तो गंदा पानी साफ पानी में मिलकर घरों तक नहीं जाएगा।
इससे बीमारी होने का खतरा नहीं रहेगा। इसलिए बारिश के मौसम में सतर्क होना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में पानी उबालकर ठंडा करके पीना चाहिए। टोल फ्री नंबर 1800180 5678 के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीओ जफर इकबाल, जेई रामदास, केमिस्ट नीरज मेहता, लैब सहायक सुखविंद्र सिंह, राजवीर सिंह आदि ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का संदेश दिया। केमिस्ट नीरज मेहता ने ट्यूबवेल, आंगनबाड़ी केंद्र एवं ग्रामीणों के घरों में से भी पानी के सैंपल लिए।