संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश के जिलों में यूरिया पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में खाद की कोई कमी नहीं है। वे रादौर में पत्रकार से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि डीएपी खाद विदेश से आयात किया जाता और प्रतिदिन ट्रेन के माध्यम से आए प्रदेश में विभिन्न जिलों में डीएपी के साथ-साथ यूरिया खाद वितरित किया जाता है। खाद की डिमांड को देखते हुए सोसाइटियों एवं प्राइवेट खाद एजेंसियों पर खाद का स्टॉक भी रखना पड़ता है, ताकि जब भी किसानों को खाद की जरूरत पड़ती है तो आसानी से किसानों को खाद उपलब्ध करवाया जा सके।
उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को डीएपी खाद की ट्रेन रोहतक में आई है, जहां से डीएपी खाद झज्जर, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद व मेवात में वितरित किया जाएगा। इसी प्रकार 17 जुलाई को हिसार में ट्रेन के माध्यम से खाद पहुंचाया जाएगा, जहां से यह खाद फतेहाबाद, भिवानी, सिरसा व 18 को करनाल, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र तथा आगे भी प्रदेश के अन्य जिलों में प्रतिदिन ट्रेन के माध्यम से खाद पहुंचाया जा रहा है, जहां से उसे जरूरत के अनुसार वितरित किया जा रहा है।
जिला में स्थित कोऑपरेटिव सोसायटियों में खाद उपलब्ध रहेगा, जहां से किसान खाद ले सकता है। उन्होंने कहा कि खाद के लिए सोसाइटी बेहतर जगह होती है और किसान को आसानी से यहां से खाद प्राप्त होता है। सरकार द्वारा पहले सोसाइटी में 40 प्रतिशत खाद दिया जाता था और 60 प्रतिशत प्राइवेट खाद एजेंसियों को दिया जाता था।
अब सरकार ने सोसाइटी में यह अनुपात को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, ताकि गांव के किसान को खाद के लिए बाहर न जाना पड़े। यदि कोई किसान सोसाइटी से खाद लेगा और उस खाद के पैसे को छह महीने में वापस करता है, तो उस किसान से खाद की रकम का कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा।