यमुनानगर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा हरियाणा डिस्टलरी को सील किए जाने के बाद मैनेजमेंट ने बुधवार सुबह कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया। इससे कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी कर दी। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें बिना नोटिस दिए छुट्टी पर भेजा जा रहा है। यदि उन्हें छुट्टी पर भेजना है तो फैक्टरी में पहले उनकी हाजिरी लगाई जाए। मौके पर पहुंचे थाना शहर यमुनानगर एसएचओ कमलजीत सिंह ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को समझाया। कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने इसके लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
हरियाणा डिस्टलरी कर्मचारी एसोसिएशन लगन शर्मा ने बताया कि हरियाणा डिस्टलरी में 100 स्थायी कर्मचारी हैं। जबकि अस्थायी कर्मचारियों की संख्या 300 से अधिक है। डिस्टलरी की मैनेजमेंट मनमानी पर उतर आई है। कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा जा रहा है इस बारे में मैनेजमेंट की तरफ से पहले कोई सूचना नहीं दी गई। सुबह कर्मचारी यहां पर पहुंचे तो उन्हें बिना किसी नोटिस के वापस जाने के लिए बोल दिया गया। उनकी हाजिरी तक नहीं लगवाई गई। इसलिए सभी इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। थाना प्रभारी के आश्वासन पर कर्मचारी वापस लौट गए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई समाधान नहीं निकला, तो फिर से धरना शुरू कर दिया जाएगा। उन्हें पूरा वेतन मिलना चाहिए और उनकी हाजिरी भी लगनी चाहिए।
एक दिन पहले ही सील हुई थी हरियाणा डिस्टलरी
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने 20 सितंबर को ही हरियाणा डिस्टलरी व पेपर मिल को सील किया था। डिस्टलरी में प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए लगाए गए उपकरण ऑनलाइन मॉनिटरिंग नहीं कर रहे थे। इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी कर उन्हें उपकरणों की जांच करवाने को कहा था। लेकिन दोनों इकाइयों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। इसके बाद पुणे की वसंतदादा इंस्टीट्यूट को दोनों इकाइयों के प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए लगाए गए उपकरणों की जांच करने को कहा। टीम 22 फरवरी 2021 को दोनों इकाइयों में जांच करने पहुंची थी। परंतु कोरोना की पाबंदियों के चलते तब बंद मिली। जिसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस बार भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। मंगलवार को एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार व बोर्ड के एसडीओ नरेश कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने दोनों औद्योगिक इकाइयों में सील लगा दी।