प्रतापनगर। हथिनी कुंड बैराज पर यमुना की डाउन स्ट्रीम में बने पत्थरों के ढांचे को हटाने को लेकर अपर यमुना जल बोर्ड, सिंचाई विभाग हरियाणा और सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसमें उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के एक्सईएन अभिमन्यु और अन्य ने तर्क दिया कि जब भी हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी में बाढ़ आती है तो जलस्तर अधिक होने के कारण डाउन स्ट्रीम में बने पत्थरों के ढांचे से टकराकर उत्तर प्रदेश की और बहाव हो जाता है। उन्होंने डाउन स्ट्रीम में बने ढांचे को हटाने के तर्क दिए।
वहीं सिंचाई विभाग हरियाणा के अधिकारियों ने तर्क दिया कि यदि इस पत्थर के ढांचे को हटा दिया जाता है तो यमुना नदी किनारे हथिनीकुंड बैराज के पास निजी जमीनों को अधिक नुकसान होगा। फिलहाल दोनों प्रदेशों के अधिकारी अपना अपना तर्क लेकर उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट सौंपेंगे। उसके बाद ही हथिनीकुंड बैराज के डाउनस्ट्रीम में बने पत्थरों के विशाल ढांचे को हटाने की आगामी योजना बनाई जाएगी। सिंचाई विभाग के एसडीओ नवीन रंगा ने बताया कि अभी पत्थरों के विशाल ढांचे को हटाने को लेकर विभाग किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचा है। मौके पर अपर यमुना जल बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे।