संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर से लेकर देहात तक धीरे-धीरे पूरा माहौल चुनावी बन चुका है। एक ओर चुनाव प्रचार का शोर है तो वहीं, दूसरी ओर मतदाता भी अपने अपने हिसाब से प्रत्याशियों का कद तय करना शुरू कर दिया है। चौपालों पर चुनाव के ही चर्चे हैं। मतदाताओं का मानना है कि चुनाव में विकास, बेरोजगारी, अपराध और भ्रष्टाचार अहम मुद्दे रहेंगे।
विधानसभा चुनाव को लेकर यमुनानगर के इंदिरा आवास कॉलोनी में कुछ लोग ताश की बाजी लगा रहे थे। इसी दौरान विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर थी। ज्यादातर लोगों का कहना चुनाव में इस बार अलग ही माहौल है। प्रमुख दलों के साथ साथ क्षेत्रीय दल भी चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। जैन बहादुर का कहना है कि विधानसभा का चुनाव लोकसभा के चुनाव से अलग होता है।
विधानसभा के चुनाव में सबसे जरूरी क्षेत्र के विकास के मुद्दे हैं। जो पार्टी क्षेत्र के विकास को प्रमुखता देगी उसे लाभ हो। वहीं, पास में बैठे लाला व सतीश भी अपनी राय रखते हैं। सतीश का कहना है कि प्रदेश में अपराध तेजी से बढ़ रहा है। इस चुनाव में यह भी एक प्रमुख मुद्दा है। राजनीतिक दलों को इस पर भी ध्यान देना चाहिए। लेकिन, कोई भी पार्टी चुनाव में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कर रही है।
निरंजन सिंह और ईशनचंद का भी यही मानना है। ईशनचंद का कहना है कि इस बार चुनाव में उसी उम्मीदवार का चयन किया जाएगा जो जनता के हितों की बात करेगा। पास में ही बैठे बबली ने भी चुनाव पर अपनी राय रखी। उन्होंने कुछ उम्मीदवारों से नाराजगी जताई।
उनका मनाना है कि कुछ नेता चुनाव के समय ही जनता के बीच पहुंचते हैं। इसके बाद पांच साल तक वह नजर नहीं आते। ऐसे नेताओं को समय पर जनता भी अब सबक सिखाएगी। हालांकि, ज्यादातर लोगों का मानना है कि इस बार चुनाव में विकास, भ्रष्टाचार और अपराध ही अहम मुद्दे हैं।