शहर के बीच जमना गली रेल फाटक की जगह बन रहा अंडरपास नवमी (30 मार्च) तक तैयार हो जाएगा। जिससे अप्रैल में आवाजाही शुरू होगी। इसका बड़ा फायदा रेल लाइन के दोनों ओर बसे कॉलोनियों व गांवों के लोगों को होगा। जो एक-डेढ़ साल से फाटक का रास्ते बंद होने से कई किमी. अतिरिक्त चक्कर काटकर चांदपुर आरओबी से आ जा रहे हैं। अब अंडरपास के रास्ते खुलने से उनके अतिरिक्त किमी व समय, दोनों की बचत होगी। बता दें कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक) प्रोजेक्ट में पांसरा, जमना गली पर रोड क्रॉसिंग बंद कर अंडरपास और पुराना रादौर रोड फाटक पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) बनाए जा रहे हैं। ऐसे ही गांधीनगर व फर्कपुर रेल फाटक बंद कर अंडरपास बने हैं।
अक्टूबर-2021 से जमना गली रेल फाटक की रोड क्रॉसिंग बंद कर यहां अंडरपास का काम शुरू हुआ। साथ ही फरवरी-2022 में पुराना रादौर रोड रेल फाटक की रोड क्रॉसिंग बंद कर रेलवे ओवरब्रिज का काम लगा। तब से दोनों फाटक के रास्ते शहर की कुरुक्षेत्र-सहारनपुर मार्ग से कनेक्टिविटी बंद है। इन रास्तों से शहर आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए एकमात्र आरओबी (चांदपुर) का ही विकल्प है। जो दोनों फाटक के रास्तों से कई किमी. दूर है, जहां दोनों रेल फाटक के रास्ते आने-जाने वाले ट्रैफिक डायवर्ट होने से जाम की भी स्थिति है। पैदल राहगीर बंद दोनों फाटक के रास्तों के आसपास या रेलवे स्टेशन से पुराना हमीदा तक बने फुट ओवरब्रिज से आते-जाते हैं, पर वाहन चालक कोई विकल्प न होने पर कई किमी. अतिरिक्त घुमकर चांदपुर आरओबी से आने-जाने पर मजबूर हैं। इसमें अतिरिक्त समय जाया होता है।
पुराना हमीदा के दीक्षित शर्मा ने बताया कि जमना गली अंडरपास के रास्ते खुलने से रेल लाइन के दोनों ओर बसे कॉलोनियों व गांवों के लोगों को फायदा होगा। जिन्हें रेल फाटक पर रहने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा।
हरियाबांस के महेश शांडिल्य ने कहा कि अंडरपास का रास्ता फाटक से ज्यादा सुरक्षित होगा, क्योंकि अभी तक जमना गली रेल फाटक बंद होने पर पैदल व दोपहिया वाहन के साथ रोड क्रॉसिंग करते कई लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हो चुकी है, वहीं सैकड़ों ही घायल हुए। अब फाटक से रोड क्रॉसिंग बंद कर अंडरपास बनने से ऐसे हादसों पर अंकुश लगेगा।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अंबाला से चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता ने बताया कि जमना गली रेल फाटक की जगह अंडरपास 30 मार्च तक पूरी तरह तैयार होगा। इस पर अप्रैल में आवाजाही शुरू हो सकती है, जिसकी तैयारियां चल रही हैं।