यमुनानगर। शहर के बीच जमना गली रेल फाटक की जगह बन रहा अंडरपास तैयार हो चुका है। इस पर अब फिनिशिंग का काम शेष है। रेलवे अधिकारियों की मानें तो 25 अप्रैल को अंडरपास को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। इससे रेल लाइन के दोनों ओर बसी कॉलोनियों और गांवों के उन लोगों को लाभ होगा।
इन लोगों को डेढ़ साल से फाटक का रास्ता बंद होने से कई किमी. अतिरिक्त घूमकर चांदपुर आरओबी से आना-जाना पड़ रहा है। बता दें कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक) प्रोजेक्ट में पांसरा, जमना गली पर रोड क्रॉसिंग बंद कर अंडरपास और पुराना रादौर रोड फाटक पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) बनाए जा रहे हैं। ऐसे ही गांधीनगर व फर्कपुर रेल फाटक बंद कर अंडरपास बने हैं।
जमना गली से दूसरी ओर एक रास्ता नहर की पटरी व दूसरा हाईवे पर
यह अंडरपास वाई शेप में हैं, क्योंकि इसमें जमना गली की ओर से एक रास्ता है और दूसरी ओर एक रास्ता साथ लगती पश्चिमी यमुना नहर की पटरी और दूसरा रास्ता सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे से जुड़ रहा है। नहर की पटरी की ओर रास्ता सिंचाई विभाग द्वारा नहर पर निगरानी व अन्य कार्यों के लिए दिया गया है। अंडरपास के ऊपर से नई मालगाड़ियों के ट्रैक सहित तीन रेलवे ट्रैक निकल रहे हैं। अंडरपास ग्राउंड लेवल पर पूरी तरह तैयार है, जिस पर अब शेड, लाइट जैसे कार्य शेष हैं। एक्सईएन हरप्रीत सिंह ने बताया कि अंडरपास पर फिनिशिंग का काम बाकी है, जिसमें 15 दिन लगेंगे। कुल मिलाकर 25 अप्रैल तक अंडरपास को आवाजाही के लिए खोला जा सकता है।
-