जगाधरी। रेलवे स्टेशन के पास पश्चिमी यमुना नहर का पुल पार कर रहे मामा-भांजे की ट्रेन की चपेट में आने से शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं, उनके साथ का एक अन्य युवक समय रहते पुल के एक तरफ कूद गया, जिससे उसकी जान तो बच गई पर पुल के खंभों से टकराने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में मरने वालों में बिहार के दरभंगा निवासी 31 मोहम्मद मुराद और करनाल के इंद्री के गांव सैय्यद छपरा निवासी 19 वर्षीय भांजा मोहम्मद अफजल शामिल है। वहीं अफजल का दोस्त 19 वर्षीय मैक्स गंभीर रूप से घायल है।
अफजल अपनी नानी बेगम खातून, मामा मुराद और दोस्त मैक्स के साथ यमुनानगर जगाधरी स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने आए थे। तीनों बेगम खातून को स्टेशन पर बिठा यमुना नहर पार ढाबे पर खाना लेने गए थे। इस दौरान वह पीछे से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा दोपहर को बीकानेर हरिद्वार एक्सप्रेस से हुआ। पुलिस ने शिनाख्त के बाद शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम करवाया। मोहम्मद मुराद की चार बेटियां और दो बेटे हैं।
बिहार के दरभंगा जिले के गांव जिरात निवासी बेगम खातून ने पुलिस को बताया कि उसकी तीन बेटियां है। एक की शादी करनाल के इंद्री के गांव सैय्यद छपरा, दूसरी यमुनानगर के गांव टोडरपुर और तीसरी सहारनपुर में हुई है। वह कुछ दिन पहले वह बेटी से मिलने सैय्यद छपरा आईं थी। इस दौरान उसका बेटा मोहम्मद मुराद भी साथ आया था। करनाल में बेटी से मिलने के बाद वे पांच दिन पहले जठलाना क्षेत्र के गांव टोडरपुर में दूसरी बेटी के पास आ गए। इस दौरान इंद्री से नाती मोहम्मद अफजल भी उनके साथ आ गया। वह सभी ट्रेन से बिहार जाने वाले थे और शुक्रवार को यमुनानगर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। दोपहर में उसे भूख लगी तो उसने बेटे को खाने लाने के बारे में पूछा। इस पर मुराद ने कहा कि वह ढाबे से खाना ले आता है। इस दौरान अफजल और मैक्स भी मुराद के साथ जाने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद तीनों खाना लेने यमुना पार जाने की बात कहकर चले गए।
खाने का इंतजार कर रही मां को मिली बेटे की मौत की खबर
बेगम खातून ने बताया दोपहर में मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई थी। इस पर बेटे मुराद ने मोबाइल चार्जिंग पर लगा दिया और उसे स्टेशन पर बैठाकर देखरेख करने को कहा। दो घंटे बाद भी वे तीनों वापस नहीं लौटे। इतनी देर होने पर उसे चिंता सताने लगी। दो घंटे बाद मैक्स हांफता हुआ स्टेशन पर उसके पास पहुंचा। मैक्स के सिर से खून बह रहा था और चोट लगी हुई थीं। मैक्स ने बताया कि पुल से गुजरते हुए ट्रेन से उनकी टक्कर हो गई है और पुलिस के पास चलने को कहा। इस दौरान जब वे थाना राजकीय रेलवे पुलिस पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन की चपेट में आने से मुराद और अफजल की मौत हो गई है।
ट्रेन चालक ने दी स्टेशन मास्टर को सूचना:
थाना जीआरपी प्रभारी सत्यप्रकाश ने बताया कि उन्हें स्टेशन मास्टर की तरफ से हादसे की सूचना मिली थी। यमुना नहर पुल पार करते हुए गाड़ी संख्या 14717 एक्सप्रेस बीकानेर हरिद्वार एक्सप्रेस की चपेट में दो लोग आ गए हैं। इस पर एएसआई बलजीत सिंह ने मौका मुआयना किया। हादसा इतना भयावह था कि मुराद का सिर बीच से फटकर दो हिस्सों में बट गया। वहीं, अफजल ट्रेन की टक्कर से दूर ट्रैक के बाहर झाड़ियों में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अफजल के पिता मेहर इलाही और चाचा अब्दुल के बयान पर कार्रवाई की है। संवाद
शव लेने सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन। संवाद
शव लेने सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन। संवाद
शव लेने सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन। संवाद