संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पाबनी कलां गांव में भारी वाहनों के विरोध में ग्रामीण आंदोलन की तैयारी में हैं। क्योंकि गांव से निकल रहे खनन सामग्री व अन्य सामान से लदे भारी-भरकम ट्रकों व डंपर से हादसे का खतरा है। आरोप है कि भारी वाहन ओवरलोड होकर चलने से गलियों-सड़कों को भी क्षति पहुंच रही है।
ग्रामीणों ने वीरवार को बैठक के दौरान जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि गांव से निकल रहे भारी व ओवरलोड वाहनों पर अंकुश न लगाया गया तो इसके विरोध में ग्रामीण कड़ा फैसला लेने पर मजबूर होंगे। बैठक में उपस्थित सुखबीर राठी, दर्शन सिंह, साहब सिंह, गुलजार सिंह, सुंदरलाल, मांगाराम, ओमप्रकाश, मलकीत रोटा, पंडित तेजपाल ने बताया कि मामले में मंगलवार को डीसी व एसपी से मिल चुके हैं। जहां समस्या से अवगत कराते हुए समाधान की गुहार लगाई गई थी।
इसके बाद भी गांव से भारी वाहन निकल रहे हैं, जिनमें काफी ट्रक व डंपर ओवरलोड होते हैं। गांव की तंग गलियां से भारी व ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से हादसे का डर है। साथ ही गलियां-सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हादसे के डर से बच्चों का गली में खेलना बंद करवा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि टोल टैक्स से बचने के लिए यह वाहन गांव के रास्ते निकल रहे हैं। इसलिए मांग है कि ऐसे वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए गांव में बैरिकेड्स लगाए जाएं।
सरपंच प्रतिनिधि गुलाब सिंह ने बताया कि वीरवार को गांव के मौजिज लोगों ने बैठक कर निर्णय लिया कि दस दिन में मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो गांव के लोग आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इसके तहत भारी व ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने को लेकर कड़ा फैसला लेंगे।