यमुनानगर। विदेश भेजने के नाम पर ट्रैवल एजेंटों ने दो युवकों से आठ लाख रुपये हड़प लिए। एक मामले में जहां युवक को न्यूजीलैंड भेजने का लालच दिया गया, वहीं दूसरे मामले में युवक को मॉरिशस में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया गया। दोनों ही मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव हड़ोली निवासी इशांत ने छछरौली थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए विदेश जाना चाहता था। इसी दौरान उसे सुनील कुमार, विजय, आकाश, प्रिंस और पारस के बारे में जानकारी मिली, जो लोगों को विदेश भेजने का काम करते है। इशांत के अनुसार नवंबर 2025 में उसकी आरोपियों से मुलाकात हुई। उन्होंने उसे वर्क वीजा पर न्यूजीलैंड भेजने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने उससे चार लाख रुपये और जरूरी दस्तावेज ले लिए और उसे जल्द विदेश्भ जने का आश्वासन दिया। काफी समय बाद भी जब उन्होंने उसे विदेश नहीं भेजा तो उन्होंने पैसे वापस लेने के लिए आरोपियों से संपर्क किया तो वे टालमटोल करते रहे। बाद में उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर इशांत ने पुलिस में शिकायत दी। दूसर मामले में जगाधरी के देवी भवन बाजार के रहने वाले राकेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पांच दोस्तों राहुल वर्मा, निशु, सदन कुमार, राकेश कुमार और हीरा लाल के साथ विदेश जाना चाहता था। राकेश कुमार के अनुसार मार्च 2024 में उनकी मुलाकात फरीदाबाद निवासी जितेंद्र शर्मा और उसके सहयोगी धनंजय मांझी से हुई। दोनों ने खुद को विदेश भेजने वाला एजेंट बताते हुए उन्हें मॉरिशस में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि वहां कंपनी में बिजली का काम मिलेगा और करीब 50 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। आरोपियों ने उन्हें प्रति व्यक्ति 90 हजार रुपये खर्च बताया। सभी दोस्तों ने मिलकर चार लाख रुपये से अधिक की रकम आरोपियों को दे दी। बाद में आरोपियों ने उन्हें वीजा प्रक्रिया के नाम पर दिल्ली बुलाया, जहां एक होटल में तीन-चार दिन तक बहाने बनाकर रोके रखा गया। इसके बाद आरोपी भाग गए और फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ितों ने जब पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने देने से मना कर दिया।
दोनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वहीं एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्हाेंने युवाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि किसी भी एजेंट या व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। बिना सरकारी मान्यता या उचित दस्तावेज के किसी के झांसे में न आएं। संवाद