फड़ी मार्केट को लेकर रविवार को दुकानदार और फड़ी वाले आमने सामने हो गए। खेड़ा बाजार में सुबह दोनों के बीच टकराव की स्थिति उतपन्न हो गई। जिसके बाद पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी। रविवार की इस फड़ी बाजार के विरोध में उद्योग व्यापार मंडल कई बार प्रदर्शन कर चुका है। पिछले सप्ताह उद्योग व्यापार मंडल ने इसके विरोध में एसपी को ज्ञापन देकर यहां से बाजार हटवाने की मांग की थी।इसी कड़ी में रविवार को उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा की शाखा जगाधरी सूट व गारमेंट मंडल और समस्त व्यापारी इसके विरोध में खेड़ा बाजार में जमा हुए। यहां उन्होंने फड़ी बाजार को लेकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही थाना शहर जगाधरी पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान कुछ फड़ियां लग चुकी थी। जिससे हटाने को लेकर दुकानदारों और फड़ी संचालकों में विरोध हुआ। जिसके बाद दुकानदारों ने प्रदेश महासचिव आशीष मित्तल एवं शूज गारमेंट एसोसिएशन प्रधान संजय चौहान के नेतृत्व नारेबाजी की। पुलिस ने लोगों को शांत कर फड़ी बाजार हटवाया।
जगाधरी के दुकानदार आशीष मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव गुप्ता, नितिन सिंगला, नवल किशोर, आदित्य रोहिल्ला, सुनील मित्तल, जसपाल मनचंदा, आकाश, रवि तनेजा, पंकज मित्तल, सागर विनायक, विनोद मित्तल ने बताया कि हमारे साथ अन्य दुकानदारों ने यहां कारोबार के लिए लाखों रुपये की पूंजी लगा रखी है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण करोबार अच्छा होने की उम्मीद होती है। लेकिन फड़ी बाजार के कारण उनका धंधा चौपट हो रहा है। लाखों रुपये लगाने के बाद भी वह कुछ कमा नहीं पा रहे हैं। इस फड़ी बाजार के कारण हर सप्ताह दुकानदारों को 50 लाख रुपये का घाटा हो रहा है।
रविवार को खेड़ा बाजार से लेकर दूर तक फड़ियां ही नजर आती हैं। इन फड़ियों पर रेडीमेंट गारमेंट्स, जूते, चप्पल, कॉस्मेटिक, बर्तन सहित हर जरूरत का सामान मिलता है। यह केवल रविवार को ही बाजार लगता है। चूंकि जगाधरी में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां हैं। रविवार को छुट्टी होने के कारण फैक्टरी के मजदूर सामान खरीदते हैं। यह बाजार इन्हीं के लिए सजता है। मौजूदा समय में यहां पर करीब पांच सौ फड़ियां लगती हैं।
दुकानदारों व फड़ी संचालकों के विरोध से उत्पन्न तनाव के बाद पुलिस ने दोनों को समझाया। काफी देर की मशक्कत के बाद फड़ी वाले बात मान गए। जिसके बाद वहां से बाजार हटा दिया गया। इसके बाद सभी लोग छोटी लाइन के पास आ गए। यहां पर उन्होंने अपनी दुकानें सजा दी।